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2008 बैच के विवि शिक्षकों को नहीं मिला छठा वेतन का एरियर, बहाली पर चल रही जांच

Ranchi: राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में 722 विश्वविद्यालय शिक्षकों की बहाली हुई. बहाली प्रक्रिया के दौरान झारखंड लोक सेवा आयोग यानि जेपीएससी पर गंभीर आरोप लगे. आरोप ये कि ज्यादात्तर शिक्षकों की बहाली पैरवी के बल पर जेपीएससी के द्वारा की गयी है. बहाली प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण तत्कालीन सरकार ने इस पर जांच बैठा दिया. इसके बाद वर्तमान में भी ये बहाली प्रक्रिया जांच के घेरे में ही है. पूरे प्रकरण को बीते लगभग दस साल होने को हैं, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आ पायी है.

10 साल बितने पर भी एरियल का पैसा नहीं मिला

जिन शिक्षकों ने इस बहाली प्रक्रिया से राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में योग्यदान दिया है, उनको दस साल बीतने के बाद भी अभी तक छठे वेतमान का एरियल का पैसा नहीं दिया जा रहा है. इसके कारण शिक्षकों में हताशा है. शिक्षकों का कहना है कि सरकार उनसे विश्वविद्यालों में योगदान तो ले रही है, लेकिन बकाये एरियल का पैसा उन्हें नहीं दे रही है. वहीं अन्य शिक्षकों को सारी सुविधाएं प्रदान की जा रही है. वेतन के अलावे अन्य भत्ते भी उन्हें प्रदान किये जा रहे हैं. लेकिन 2008 में बहाल हुए शिक्षकों को सिर्फ वेतन का लाभ ही मिल रहा है.

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समान काम करते हैं तो एक समान सुविधाएं भी मिलनी चाहिए- कंजीव लोचन

रांची विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के पूर्व महासचिव कंजीव लोचन का कहना है कि

2008 में कुल 722 शिक्षकों नियुक्ति जेपीएससी के माध्यम से हुई. लेकिन अभी तक उन्हें एजीपी एवं एरियल का बकाया पैसा प्रदान नहीं किया जा रहा है. 2008 में बहाल शिक्षको को समान काम एवं समान सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है. इसके कारण शिक्षकों में हताशा है.

जल्द ही सरकार की ओर से वेतन नियमावली बनाकर शिक्षकों को लाभ प्रदान किया जायेगा- उच्च शिक्षा विभाग

उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि
सरकार की ओर से वेतन के लिए नई नियमावली ड्राफ्ट की जा रही है. जल्द ही सारे विश्वविद्यालयों को उसे प्रदान कर दिया जायेगा. इसके बाद 2008 बैच के शिक्षकों को इसका लाभ मिलने लगेगा.

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