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संयुक्त राष्ट्र :  रुख में बदलाव, भारत ने इजरायल के समर्थन में किया वोट  

इजराइली प्रस्ताव में फिलिस्तीन के एक गैर-सरकारी संगठन शहीद को सलाहकार का दर्जा दिये जाने पर आपत्ति जताई गयी थी

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UN :   भारत ने इजरायल को लेकर अपने अब तक के रुख में बदलाव कर लिया है. बता दें कि  संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक परिषद में इजरायल के एक प्रस्ताव के समर्थन में भारत ने  वोट किया है.  इजराइली प्रस्ताव में फिलिस्तीन के एक गैर-सरकारी संगठन शहीद को सलाहकार का दर्जा दिये जाने पर आपत्ति जताई गयी थी,  इजरायल ने कहा कि संगठन ने हमास के साथ अपने संबंधों का खुलासा नहीं किया था, आखिरकार संगठन को संयुक्त राष्ट्र में पर्यवेक्षक का दर्जा देने का प्रस्ताव खारिज हो गया.

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आतंकी संगठन शहीद को पर्यवेक्षक का दर्जा देने की अपील खारिज

दिल्ली में तैनात इजरायल की राजनयिक माया कडोश ने समर्थन में वोट डालने पर भारत का आभार जताते हुए ट्वीट किया, इजरायल के साथ खड़े रहने और आतंकी संगठन शहीद को संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक का दर्जा देने की अपील को खारिज करने के लिए भारत का शुक्रिया.  हम साथ मिलकर आतंकी संगठन के खिलाफ काम करते रहेंगे, जिन संगठनों का मकसद नुकसान पहुंचाना है.

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इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक परिषद में 6 जून को मसौदा प्रस्ताव एल.15 पेश किया.  इस प्रस्ताव के पक्ष में रिकार्ड 28 मत, जबकि 14 देशों ने इसके खिलाफ मतदान किया. पांच देश मत विभाजन में शामिल नहीं हुए.  प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने वाले देशों में ब्राजील, कनाडा, कोलंबिया, फ्रांस, जर्मनी, भारत, आयरलैंड, जापान, कोरिया, यूक्रेन, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं. प्रस्ताव के विरोध में  मिस्र, पाकिस्तान, तुर्की, वेनेजुएला, यमन, ईरान और चीन सहित 14 देशों ने वोटिंग की.

परिषद ने एनजीओ के आवेदन को लौटाने का फैसला किया क्योंकि इस साल की शुरुआत में जब उसके विषय पर विचार किया जा रहा था, गैर-सरकारी संगठन महत्वपूर्ण जानकारी पेश करने में विफल रहा.  एनजीओ ने अपने आवेदन में संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक का दर्जा दिये जाने की अपील की थी.

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