न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

बोकारो थर्मल में संयुक्त मोर्चा ने बोनस की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

249

Bermo :  बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी पावर प्लांट गेट के समक्ष मंगलवार को सप्लाई मजदूरों की संयुक्त मोर्चा में शामिल यूनियनों के द्वारा बोनस भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. संयुक्त मोर्चा में शामिल सप्लाई मजदूरों की यूनियनों में डीवीसी ठेका मजदूर संघ, यूनाइटेड कान्ट्रैक्टर्स वर्कर्स यूनियन और हिंद मजदूर किसान यूनियन शामिल थे.

बाद में आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए मुख्य रूप से उपस्थित डीवीसी ठेका मजदूर संघ के महामंत्री सह जिप भरत यादव ने कहा कि प्रबंधन द्वारा विगत वर्ष गलत आधार पर बोनस की गणना कर बोनस के रूप में मात्र सात हजार रुपया का भुगतान किया गया था. जिसे चुनौती देते हुए संयुक्त मोर्चा ने बोनस का विवाद प्रबंधन और श्रम विभाग के समक्ष उठाया था. प्रबंधन के उच्चाधिकारियों द्वारा लगातार आश्वस्त किया जाता रहा कि श्रम विभाग का निर्णय ही मान्य होगा. विगत दिनों गिरिडीह सांसद रवींद्र कुमार पाण्डेय की पहल पर डीवीसी के मुख्यालय प्रबंधन द्वारा उक्त आलोक में केंद्रीय उप मुख्य श्रमायुक्त धनबाद से 12 सितंबर को स्पष्टीकरण मांगा गया था.

उप मुख्य श्रमायुक्त ने गत 25 सितंबर को डीवीसी के कार्यपालक निदेशक को प्रेषित पत्र में अपना मंतव्य देते हुए स्पष्ट कहा कि समझौता के माध्यम से निर्धारित कुल वास्तविक वेतन और न्यूनतम मजदूरी में से जो ज्यादा होगा उसके आधार पर बोनस की गणना कर भुगतान किया जाना चाहिए. इसी के तहत इस वर्ष का बोनस भुगतान के रुप में 15  हजार 606 रुपया देने का मांग किया गया है.

डीवीसी यूसीडब्ल्यूयू के महामंत्री नवीन पाठक ने कहा कि उप मुख्य श्रमायुक्त के स्पष्टीकरण देने के बावजूद भी प्रबंधन के द्वारा अभी तक बोनस की राशि स्पष्ट नहीं करने के कारण सप्लाई मजदूरों में भारी आक्रोश है. डीवीसी ठेमसं के सचिव संजय मिश्रा ने कहा कि सप्लाई मजदूरों का 1 नवंबर 2017 से लंबित वेतन पुर्नरीक्षण मे भी प्रबंधन का टालमटोल की नीति समझौता का उल्लंघन है. हिमकियू के अध्यक्ष और सचिव सरयू ठाकुर एवं आरपी केडिया ने कहा कि उप मुख्य श्रमायुक्त के मंतव्य से कम बोनस मान्य नहीं होगा.

कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन करते हुए डीवीसी यूसीडब्ल्यूयू के अध्यक्ष ब्रज किशोर सिंह ने कहा कि सप्लाई मजदूरों के धैर्य को प्रबंधन कमजोरी समझने की गलती नहीं करें. उन्होंने कहा कि उप मुख्य श्रमायुक्त के मंतव्य के अनुसार समय पर बोनस का भुगतान नहीं कर प्रबंधन द्वारा वादा खिलाफी किया गया तो संयुक्त मोर्चा कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ आंदोलन के लिए स्वतंत्र होगा,जिसका खामियाजा प्रबंधन को भुगतना पड़ेगा.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

%d bloggers like this: