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केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने झारखंड को किया पुरस्कृत

हजारीबाग जिले को देशभर में स्वच्छता के लिए मिला तृतीय पुरस्कार

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Ranchi : नयी दिल्ली के प्रवासी भारतीय केंद्र में मंगलवार को स्वच्छता पुरस्कार दिये गये. केंद्रीय जलापूर्ति और स्वच्छता मंत्रालय की तरफ से झारखंड के हजारीबाग जिले को देश भर में स्वच्छता सर्वेक्षण और खुले में शौच से मुक्त जिला बनने के लिए तृतीय पुरस्कार दिया गया है. देश के नासिक जिले को इस श्रेणी का प्रथम पुरस्कार दिया गया है, जबकि द्वितीय पुरस्कार महाराष्ट्र के सतारा जिले को दिया गया है. झारखंड की पेयजल और स्वच्छता सचिव आराधना पटनायक, राज्य स्वच्छता मिशन के निदेशक राजेश शर्मा, हजारीबाग के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला और हजारीबाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता प्रमोद भट्ट ने केंद्रीय मंत्री उमा भारती से यह पुरस्कार ग्रहण किया.

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केंद्रीय मंत्री ने देश भर की सभी पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करने के क्रियान्यवन में और तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि अगले वर्ष दो अक्टूबर तक सभी गांव और पंचायत ओडीएफ हो सकें. झारखंड में स्वच्छता अभियान के तहत 32 लाख ग्रामीण परिवारों के यहां शौचालय का निर्माण पिछले चार वर्षों में कराया जा चुका है. केंद्रीय मंत्री ने देवघर जिले के बाबा वैद्यनाथ मंदिर को भी स्वच्छता की श्रेणी में पुरस्कृत किया है. इसके अलावा गिरिडीह जिले को भी राज्यों की श्रेणी में बेहतर कार्य के लिए पुरस्कार दिया गया है.

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हजारीबाग के 16 प्रखंड और 257 पंचायत हुए ओडीएफ

ओडीएफ मुक्त जिले के तहत हजारीबाग को झारखंड राज्य में बेहतर क्रियान्वयन के लिए पहला पुरस्कार दिया गया. जिले के 16 प्रखंड और 257 पंचायत अब ओडीएफ हो गये हैं. हजारीबाग समेत देश भर में केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों में एक अगस्त से 31 अगस्त तक स्वच्छता सर्वेक्षण चलाया था. इसमें खुले में शौच से मुक्तिवाले गांवों की स्थिति, पेयजल और स्वच्छता के मानक तय किये गये थे. हजारीबाग जिले में पेयजल और स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रमोद भट्ट के रहते हुए यह अभियान चला. इससे पहले भट्ट रांची में स्मार्ट सिटी सर्वेक्षण के नोडल पदाधिकारी का काम भी देख चुके हैं.

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