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केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राज्यपाल से की दारोगा लालजी यादव की संदिग्ध स्थिति में मौत की सीबीआई जांच की मांग

Ranchi : केंद्रीय राज्य मंत्री और कोडरमा की सांसद अन्नपूर्णा देवी के नेतृत्व में प्रदेश भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की. इस दौरान उन्हें एक ज्ञापन सौंपा. इसके जरिये पलामू जिलान्तर्गत नावा बाजार के पूर्व थाना प्रभारी स्व लालजी यादव की तथाकथित आत्महत्या पर सवाल खड़ा करते हुए इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की.

अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि झारखंड राज्य पूरी तरह से जंगल राज में प्रवेश कर चुका है. हत्या,लूट,बलात्कार,अवैध उत्खनन,बढ़ते नक्सलवाद ,खनिजों की तस्करी से सम्बंधित खबरें मीडिया की दैनिक सुर्खियां हैं. यह सरकार ही केवल गठबंधन से नहीं बनी है बल्कि इस सरकार ने अपने गठन के साथ ही राज्य में एक गठबंधन को जन्म दिया है-वह है अपराधी-माफिया-प्रशासन गठबंधन. इसे सत्तापक्ष का संरक्षण प्राप्त है. लालजी इसी गिरोह के शिकार हुए हैं. इसकी गंभीरता से जांच हो.

प्रतिनिधिमंडल में उनके अलावा प्रदेश महामंत्री बालमुकुन्द सहाय,पूर्व मंत्री एवं कोडरमा की विधायक नीरा यादव,वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक मनोज यादव भी शामिल थे.

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विकास कार्य पड़े हैं ठप

अन्नपूर्णा देवी के मुताबिक प्रशासन और आपराधिक गठबंधन के कारण राज्य में विकास कार्य ठप है. लूट और तस्करी धड़ल्ले से जारी है. ऐसे कारनामों पर अगर किसी ने रोक लगाने की कोशिश की तो उसे रास्ते से हटाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है. अपराधियों द्वारा गढ़वा में एक आईएएस अधिकारी को कुचल कर मार देने की कोशिश हो या जज की हत्या,पिछले वर्ष होनहार दारोगा और आदिवासी बेटी रूपा तिर्की की हत्या,सभी इसी अनैतिक गठजोड़ की परिणति हैं.

उन्होंने कहा कि विगत दिनों संजू प्रधान को जिंदा जलाकर मारना, कुछ दिन बाद फिर उसी थाना क्षेत्र में एक महिला को जला देना,पूर्व विधायक पर नक्सली हमला, उनके दो अंगरक्षकों की हत्या,जेल में अपराधियों का ऐशो आराम राज्य में बढ़ते अपराध की कहानी बयां कर रहे हैं.

ऐसे में पलामू जिलान्तर्गत नावा बाजार थाना में पदस्थापित दरोगा स्व लालजी यादव की विगत 11जनवरी को हुई तथाकथित आत्महत्या की घटना ने फिर से अनैतिक गठजोड़ के कारनामों को उजागर किया है.

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ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी थे

स्व यादव एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी थे जिन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने की हरसंभव कोशिश की. उनके थाना क्षेत्र में अवैध उत्खनन में डीटीओ द्वारा वाहनों से हो रही अवैध वसूली को उन्होंने रोकने की कोशिश की. ऐसे में उन्हें प्रशासनिक दबाव में निलंबित करना राज्य सरकार की कार्यशैली को उजागर करता है.
पिछले 25 मई को NH98में अपराधियों द्वारा अपहृत व्यक्ति से बड़ी फिरौती की मांग फिर व्यक्ति की हत्या के प्रसंग में भी कई पदाधिकारी संदिग्ध है.

अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि स्व लालजी यादव के परिजन ने उनके तथाकथित आत्महत्या को मानने से इनकार किया है. जिस प्रकार से उनके मृतक शरीर के संबंध में सूचना देने,उसके पोस्टमार्टम कराने एवं आत्महत्या के संबंधित तथ्यों से परिजन संतुष्ट नहीं हैं. परिजन इसे अपराधी,माफिया और प्रशासन के नापाक गठबंधन के कारण हुई हत्या मान रहे. राज्य सरकार ने दबाव में तीन चार दिन बाद सीआईडी जांच कराने को तैयार हुई है परंतु बिना सीबीआई जांच के इसमें सच्चाई उजागर होना असंभव है.

उन्होंने कहा कि पहले भी रूपा तिर्की की संदिग्ध हत्या में यह सरकार लीपापोती करने का प्रयास कर चुकी है परंतु न्यायालय के आदेश से उस घटना की सीबीआइ जांच हो रही है. लालजी के परिजनों की मांग एवं जनभावनाओं को देखते हुए स्व यादव की तथाकथित आत्महत्या की जांच सीबीआई से कराने के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किया जाये.

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