JharkhandRanchi

बिजली वितरण व्यवस्था निजी क्षेत्र को सौंपने पर ही निर्बाध बिजली संभव: महेश पोद्दार  

Ranchi: राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने झारखंड में बिजली की किल्लत और बिजली वितरण व्यवस्था की विसंगतियों की ओर मुख्यमंत्री रघुवर दास का ध्यान आकृष्ट किया है. श्री पोद्दार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर ऊर्जा विभाग की कार्यप्रणाली में अविलम्ब सुधार तथा इनसे जुड़े कुछ कठोर किन्तु अनिवार्य फैसले लेने का आग्रह किया है.

श्री पोद्दार ने अपने पत्र में कहा है कि हर घर तक बिजली पहुंचा कर हमने एक बड़ी उपलब्धि ही नहीं पायी, बिजली की खपत भी बढ़ायी है. इसी अनुपात में, खराब बिजली आपूर्ति होने पर नाराज होनेवाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है.

इसे भी पढ़ें – ऑनलाइन म्यूटेशन सिस्टम के बाद भी 37500 मामले लंबित, सेवा देने की गारंटी नियमावली 2011 में शामिल है दाखिल खारिज

advt

निजी क्षेत्र को वितरण देने का प्रयोग सफल रहा है

उन्होंने कहा कि बिजली वितरण की जिम्मेवारी निजी क्षेत्र को सौंप कर ही उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली दे पाना संभव है. निजी क्षेत्रों द्वारा बिजली वितरण का सफल प्रयोग देश के कई बड़े शहरों में हुआ है, रांची में भी काफी समय तक यह व्यवस्था थी. उन्होंने कहा कि अब तक के अनुभव के आधार पर यह काम बिजली वितरण निगम की मौजूदा टीम के वश का नहीं लगता.

इसे भी पढ़ें – झारखंड : पिछले तीन सालों में सब्जियों की उपज घटी, 3.54 से 149 मीट्रिक टन तक की गिरावट

सरप्लस बिजली है

श्री पोद्दार ने कहा कि उपभोक्ताओं को क्वालिटी बिजली देने के लिए स्थानीय उत्पादन पर निर्भरता अब जरूरी नहीं. देश में सरप्लस बिजली उत्पादन हो रहा है, सस्ती सोलर और विंड एनर्जी उपलब्ध है. लॉन्ग टर्म PPA के लिए बहुत सारे उत्पादक तैयार हैं. नेशनल ग्रिड के बन जाने से निर्बाध बिजली के लिए स्थानीय उत्पादन जरूरी नहीं रही. दूसरे शब्दों में, बिजली वितरण निगम की कार्यशैली यदि दुरुस्त होती तो उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली देना मुश्किल काम नहीं था.

इसे भी पढ़ें – NEWS WING IMPACT: DC रांची ने बनायी पूर्व DGP डीके पांडेय की पत्नी की जमीन जांचने के लिए कमेटी, मंत्री ने कहा-कोई भी हो कानून से ऊपर नहीं

adv
advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button