Ranchi

यूनेस्को को चिंता है जनजातीय भाषाओं की, भाजपा कर रही दरकिनार: गीताश्री उरांव

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Ranchi: राज्य के जनजातीय भाषाओं के विकास को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेसी नेता गीताश्री उरांव ने कहा है कि यूनेस्को को राज्य की जनजातीय भाषाओं की ज्यादा चिंता है, लेकिन भाजपा को नहीं. उन्होंने कहा है कि वर्तमान में राज्य के 32 जनजातीय भाषाओं में से 27 विलुप्त हो चुकी है. लेकिन इसकी चिंता वर्तमान झारखंड सरकार को नहीं है. वहीं रोजगार में आरक्षण, भूमि अधिग्रहण बिल आदि के नाम पर आदिवासी समाज एवं संस्कृति पर प्रहार करने का प्रयास भी सरकार कर रही है.

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आदिवासियों के हितों को छिन रही है रघुवर सरकार

विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेस में पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार के मुखिया रघुवर दास आदिवासियों के हक को छीनने का प्रयास कर रहे हैं. कभी सीएनटी-एसपीटी के नाम पर, कभी धर्म के नाम पर लगातार आदिवासियों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है. चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या रोजगार का, सभी जगह पर आदिवासियों के अधिकार को छीनने का काम वर्तमान भाजपा सरकार ने किया है. विश्व आदिवासी दिवस की बात करते हुए उन्होंने कहा कि यूनेस्को के पीछे इसे मानने का उद्देश्य आदिवासियों की हितों पर काम करना था. लेकिन वर्तमान सरकार की नीति के कारण आज राज्य के 32 जनजातीय भाषाओं में से 27 विलुप्त हो चुकी है. ऐसे में यह कहने में कोई परहेज नहीं कि भाजपा से ज्यादा युनेस्को को जनजातीय भाषाओं की ज्यादा चिंता है. उन्होंने बताया कि पांच बड़ी जनजातीय भाषाओं को मैसूर स्थित केंद्रीय भाषा संस्थान ने संक्रमण काल से गुजर रही भाषाओं में डाल दिया है.

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सरकार की नीति के कारण आदिवासी हो रहे हैं पीछे

गीताश्री उरांव ने कहा कि जिस नीति को लागू कर सरकार आदिवासियों की हितों को लागू करने की बात करती है, उससे ये समाज आज पीछे होती जा रही है. उन्होंने बताया कि जेपीएससी पीटी परीक्षा में आदिवासियों को आरक्षण नहीं दिया जा रहा हैं, स्कूल को बंद कर सुदूर क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी छात्र को पढ़ाई से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही जिस तरह से बार-बार भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन का प्रयास सरकार कर रही है, उससे इससे साफ जाहिर है कि सरकार आदिवासियों के हक को छीनने पर आमादा है.

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9 अगस्त को कांग्रेस मानयेगी आदिवासी अधिकार दिवस

आदिवासियों की सभ्यता संस्कृति और अस्मिता को बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा हरसंभव पहल करने की बात करते हुए गीताश्री उरांव ने कहा कि आगामी 9 अगस्त को आयोजित विश्व आदिवासी दिवस को पार्टी आदिवासी अधिकार दिवस के रूप में मनाने जा रही है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार के निर्देशानुसार 9 अगस्त को ‘‘विश्व आदिवासी दिवस’’  के अवसर पर पार्टी के प्रत्येक प्रकोष्ठ द्वारा ‘‘अधिकार दिवस’’ मनाया जायेगा. इससे पहले 6 अगस्त को जिला एससी (अनुसूचित जाति) विभाग द्वारा उपरोक्त मांगों को लेकर सरकार का पुतला दहन, 7 अगस्त को जिला ओबीसी विभाग द्वारा मशाल जुलूस, 8 अगस्त को अल्पसंख्यक विभाग द्वारा इन्ही मांगों के समर्थन में ‘प्लेकार्ड’  प्रदर्शन किया जाना तय किया गया है.

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