न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

2017-18 में बेरोजगारी 45 सालों में सबसे अधिक, ज्यादा एडुकेटेड लोगों में ज्यादा अनइंप्लॉयमेंट

बेरोजगारी का आलम: पीजी कर डिलीवरी बॉय बने 25 हजार युवा, दूसरी तिमाही में केवल 13% कंपनियां हायरिंग के मूड में

541

New Delhi: देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के साथ-साथ बेरोजगारी की समस्या से निपटना केंद्र सरकार के लिए बड़ी चुनौती है.

mi banner add

सरकार ने बेरोजगारी से जुड़े उस आंकड़े को सही माना है, जिसमें पिछले 45 सालों में 2017-18 में बेरोजगारी सबसे ज्यादा होने की बात कही गयी है. साथ ही इस आंकड़ें में ये भी बताया गया है कि सबसे ज्यादा बेरोजगारी, ज्यादा शिक्षित वर्ग में है.

इसे भी पढ़ेंः2022 तक भारतीय किसानों की आय कैसे दोगुनी करेंगे पीएम मोदी, WTO में EU ने उठाया सवाल

निरक्षर लोगों में बेरोजगारी की दर 2.1

आंकड़ें के मुताबिक, 2017 में शहरी इलाकों में रहनेवाले निरक्षर लोगों के बीच बेरोजगारी की दर 2.1 फीसदी थी, जबकि सेकेंडरी या इससे अधिक शिक्षित वर्ग में यह दर बढ़कर 9.2 फीसदी हो गयी.

जनसत्ता की खबर के मुताबिक, टीमलीज की एक रिपोर्ट में ऑनलाइन कंपनियों के लिए डिलिवरी स्टाफ के तौर पर काम करने वाले पोस्ट ग्रैजुएट और ग्रैजुएट युवाओं की संख्या 25 हजार के करीब बतायी गयी है.

हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत जनादेश के साथ बीजेपी की सत्ता में वापसी से राजनीतिक स्थायित्व आयेगा, जो रोजगार के नये-नये साधन पैदा करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है.

लेकिन, इतनी जल्दी आंकड़ों में बदलाव की उम्मीद नहीं की जा सकती. कंपनियों की ओर से नये लोगों को हायर की संभावनाएं फिलहाल बेहद कम हैं.

इसे भी पढ़ेंःदर्द-ए-पारा शिक्षक: बूढ़ी मां घर चलाने के लिए चुनती है इमली और लाह के बीज, दूध और सब्जियां तो सपने जैसा

दूसरी तिमाही में 13% कंपनियां ही लोगों को हायर करने के मूड में

मैनपावर इंप्लॉयमेंट आउटलुक सर्वे के एक आंकड़े के मुताबिक, देश की सिर्फ 13 प्रतिशत कंपनियां ही जुलाई से लेकर सितंबर वाली दूसरी तिमाही में और ज्यादा लोग हायर करने के मूड में नजर आ रही हैं.

हालांकि, पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 16 फीसदी का था. बता दें कि इस सर्वे में विभिन्न इंडस्ट्रीज की कुल 4,951 कंपनियों को शामिल किया गया. सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, 61 प्रतिशत नौकरी देनेवाली कंपनियां अपने यहां नई जॉब्स की गुंजाइश नहीं देख रहे.

इसे भी पढ़ेंःओम बिड़ला हो सकते हैं लोकसभा के नये स्पीकर, आज कर सकते हैं नामांकन

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: