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अब स्मार्ट सिटी परिसर के लिए बनेगा अंडरग्राउंड सिवरेज-ड्रेनेज सिस्टम

स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड की तरफ से कार्रवाई शुरू की गयी, एचइसी के 656.43 एकड़ में बन रहा है स्मार्ट सिटी

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Deepak

Ranchi: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना स्मार्ट सिटी में अब अंडरग्राउंड सिवरेज-ड्रेनेज सिस्टम स्थापित होगा. एचइसी के 656.43 एकड़ जमीन में 900 करोड़ से अधिक की लागत से स्मार्ट सिटी बनायी जा रही है. इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि निविदा की औपचारिकताएं पूरी की जा सके. सूत्रों का कहना है कि स्मार्ट सिटी सिवरेज-ड्रेनेज व्यवस्था में पांच सौ करोड़ रुपये की लागत आयेगी. फिलहाल स्मार्ट सिटी में तीन मुख्य कंपोनेंट ही हैं. इसमें अरबन सिविक टॉवर, झारखंड अरबन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (जूपमी) और 5000 लोगों की क्षमता वाला कनवेंशन सेंटर शामिल है. अब चौथे कंपोनेंट के रूप में सिवरेज-ड्रेनेज व्यवस्था भी बहाल करने की कोशिश की जा रही है.

ग्रीन प्रोजेक्ट के रूप में विकसित होगी स्मार्ट सिटी

नगर विकास और आवास सचिव की तरफ से स्मार्ट सिटी परिसर को ग्रीन प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया गया है. जहां पर ओपेन कुछ नहीं होगा. यहां के सिवरेज-ड्रेनेज व्यवस्था अत्याधुनिक तरीके से बनाये जाने को कहा गया है. ताकि यहां की आबो-हवा में किसी तरह की कोई समस्या न तो उद्यमियों, ना कंपनियों और ना यहां रहनेवालों को हो.

सरकार की तरफ से सिटी आइटी नेटवर्क आधारभूत संरचना विकसित करने के साथ-साथ दो हजार वाहनों के लिए स्मार्ट पार्किंग, स्मार्ट डाटा सेंटर, इंटरप्राइज जीआइएस पोर्टल, इंटेलीजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर भी विकसित किया जायेगा.

68 हजार वर्ग मीटर से अधिक के निर्माण क्षेत्र सहित अन्य जगहों पर भी होगा सिवरेज नेटवर्क

स्मार्ट सिटी के 656.43 एकड़ जमीन में से 68 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में यह सिवरेज-ड्रेनेज लाइन स्थापित की जायेगी. इसके लिए पूरे परिसर में दो से तीन ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किये जायेंगे. ताकि ओपेन स्पेश एरिया के लैंड स्केप को हरा-भरा बनाया जा सके. सरकार की तरफ से जूपमी के 30351 वर्ग मीटर स्पेश, कनवेंशन सेंटर के 25908.50 वर्ग मीटर और अरबन सिविक टावर के 12293 वर्ग मीटर स्पेश में पूरी तरह अंडरग्राउंड सिवरेज होगा. यहां पर बिजली व्यवस्था, वाई-फाई व्यवस्था के लिए भी अंडरग्राउंड केबलिंग की जायेगी. अधिकतर परियोजनाओं को 24 माह में पूरा किया जायेगा. ज्ञात हो कि सितंबर 2017 में स्मार्ट सिटी की आधारशीला रखी गयी थी.

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