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अयोध्या राम मंदिर: उमा बोली- मेरे जीवनकाल में शुरू हो गया निर्माण, इसकी तुलना हजारों जिंदगानियों से नहीं की जा सकती

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Bhopal. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. अयोध्या राम मंदिर जन्मभूमि आंदोलन की प्रमुख नेताओं में से एक उमा भारती को अयोध्या बुलाया गया है. उमा भारती ने रविवार को एक के बाद कई ट्वीट कर इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सपना बताया. उमा भारती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ भी की.

उमा ने किए ट्वीट
उमा ने लिखा- कल जब मुझे 4 अगस्त को अयोध्या जी पहुंचकर 6 तारीख तक वहां रहने का निर्देश राम जन्मभूमि न्यास की ओर से मिला तो मैंने आप सबसे इसकी जानकारी शेयर की. जानकारी देना इसलिए जरूरी लगा क्योंकि आप सब मुझसे निरंतर इस संबंध में प्रश्न कर रहे थे.

जानकारी व्यापक होने के बाद मीडिया जगत के मेरे सभी भाई बहन इंटरव्यू या बाइट लेने का आग्रह कर रहे हैं इस पर मेरा आप सबसे निवेदन है कि मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है कि मैंने अयोध्या अभियान में भागीदारी की है.

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अब मेरे जीवनकाल में ही मंदिर का निर्माण प्रारंभ हो गया पूरे भारत वासियों की तरफ से हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी इसका शुभारंभ करेंगे. यह गर्व एवं आनंद का विषय है. किंतु अयोध्या अभियान में स्वयं के किसी पराक्रम का उल्लेख करना मुझे शर्मिंदगी में डालता है क्योंकि 500 साल तक चले इस अभियान में लाखों लोगों के प्राणों की आहुति हुई है.

पहले युद्ध हुए, फिर संघर्ष हुए, 1984 से अभियान चला तब भी इस दरम्यान बहुत ही कारसेवक शहीद हुए, कई परिवार नष्ट हो गए, कई जिंदगानियां खप गई उन्हीं सबका परिणाम है आंदोलन की गति कम नहीं हो पाई. इसलिए हमें उनका यश एवं उनका पराक्रम याद रखना है. हम उनके सामने कहीं नहीं ठहरते हम तो जिंदा रह गए और हमारे जीवन की गति आगे चली तथा इस अभियान के लाभ या हानि पार करके अब हम उस दिन अयोध्या में होंगे.

 

 

यह मेरे जीवन का एक ऐसा क्षण होगा इसकी तुलना हजारों जिंदगानियों से भी नहीं की जा सकती.

विशेषज्ञों के द्वारा दी गई चेतावनी के अनुसार जुलाई एवं अगस्त में कोरोना महामारी अपना विकराल रूप धारण करती जा रही है ऐसी स्थिति में हम भले ही अयोध्या में हों किंतु शिलान्यास स्थल पर कौन लोग मौजूद होंगे यह अंतिम घड़ी तक स्पष्ट नहीं हो सकता. जैसे नदियां समुद्र में समा जाती हैं हम सब नरेन्द्र मोदीजी में समा गए हैं उनकी शिलान्यास स्थल पर उपस्थिति ही हम सबकी उपस्थिति है.

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हम प्रार्थना करें कि प्रभु श्री राम की जय हो क्योंकि वही इस अभियान के नायक हैं एवं हम सब यह कामना करें कि अब हमारे देश में राम राज्य की भी शुरुआत हो जहां सबको मानवाधिकार तथा सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिले. मेरे जितने भी लोग परिचित हैं वह जहां है यदि मेरे इस ट्वीट को पढ़ रहे हैं तो उन सब से मेरी अपील है कि सब अपने अपने घर से ही इस आनंद के पर्व में भागीदारी करें.

मैं भारत के हिंदुओं के अलावा सभी धर्मावलंबियों से अनुरोध करूंगी कि यह सब के लिए ही शांति एवं आनंद का क्षण है यही भारत में एकात्मता की शुरुआत होगी. “एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति” अर्थात्, सत्य एक है, जिसे विद्वान विभिन्न नामों से बुलाते हैं. इसलिए हरेक की भावना का सम्मान एवं प्रतिष्ठा हो यही हमारा संविधान कहता है एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट ने दिनांक 9 नवंबर, 2019 को इसकी पुष्टि कर दी है.

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