JamshedpurJharkhand

कैंटीन में खाने के बाद यूसिल के ठेकाकर्मी की मौत, पोस्टमार्टम की मांग पर अड़े परिजन

Jadugoda : यूसिल जादूगोड़ा मिल में डैल कंस्ट्रक्शन में कार्यरत सीताडांगा गांव निवासी ठेका मजदूर सुरेश मुखी (45)  की शनिवार को एमजीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी. उसकी मौत के बाद डॉक्टर द्वारा पोस्टमार्टम नहीं किये जाने पर परिवार के लोग मौत का कारण जाने के लिए पोस्टमार्टम की मांग पर अड़ गये हैं. उन्होंने कुछ है कि जब तक पोस्टमार्टम नहीं किया जायेगा, तब तक लाश अस्पताल में ही रहेगी. सुरेश की अचानक मौत से उसकी पत्नी और परिवार के लोगो का रो-रोकर बुरा हाल है. सुरेश परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था.
कैंटीन में खाने के बाद बिगड़ी हालत
सुरेश की पत्नी ने बताया कि शनिवार सुबह वह स्वस्थ थे और रोज की तरह ड्यूटी के लिए गये थे. लगभग दो-तीन घंटे बाद कुछ लोगों ने उन्हें सूचना दी कि सुरेश की तबीयत बिगड़ गयी है और उसे यूसिल अस्पताल लाया गया है. सूचना पाकर वह अपने बच्चों के संग अस्पताल पहुंची. इस बीच अस्पताल के डॉक्टर ने सुरेश को एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया. उस समय तक सुरेश होश में था. वह अपनी पत्नी से बात करते हुए एमजीएम अस्पताल पहुंचा. रास्ते मे उसने बताया कि यूसिल जादूगोड़ा मिल कैंटीन में नाश्ता करने के बाद से उसकी तबीयत बिगड़ गयी. उनकी पत्नी का कहना है कि यदि यूसिल अस्पताल में सही से इलाज हो पाता तो शायद उसके पति की जान बच जाती, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उसकी मौत हो गयी.
वही संयुक्त यूनियन के नेताओं का कहना है कि कई बार प्रबंधन को यूनियन की ओर लिखित रूप में भी दिया गया था कि यूसिल की सभी कैंटीन में अच्छे ब्रांड के सामान एवं एक ही ब्रांड का सामान का इस्तेमाल किया जाये साथ ही कैंटीन में खाने की मात्रा को भी बढ़ाया जाये, लेकिन अब तक यूसिल प्रबंधन की ओर से इस मामले को लेकर कुछ पहल नहीं हुई.

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