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पुलिस की साजिश का शिकार हुए दो युवक, लाइनहाजिर किये गये तीन थानेदार, डीएसपी पर कार्रवाई बाकी

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Ranchi: हटिया डीएसपी विनोद रवानी की साजिश की वजह से रांची के दो युवक मालवीय और नंदकिशोर पिछले 25 दिनों से होटवार जेल में हैं. इस मामले में दोनों युवकों की जमानत कोर्ट ने इसलिए खारिज कर दी, क्‍योंकि पुलिस की ओर से मामले की केस डायरी कोर्ट में समर्पित नहीं की है. इस मामले में साजिश का पता चलते ही रांची एसएसपी अनीश गुप्ता ने कार्रवाई करते हुए धुर्वा थानेदार तालकेश्वर राम, तुपुदाना थानेदार प्रकाश कुमार और डोरंडा थानेदार आबिद खान को लाइन हाजिर कर दिया था. एसएसपी ने इस पूरे मामले की जांच करने की जिम्मेवारी सिटी एसपी अमन कुमार को दी थी. सदर डीएसपी दीपक कुमार पांडेय को केस का आईओ बनाया था, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता होने के बाबजूद भी हटिया डीएसपी विनोद रवानी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. पुलिस साजिश का खुलासा और संबंधित थानेदारों पर कार्रवाई दोनों युवक जेल में बंद हैं और उनकी जमानत पुलिस के केस डायरी पर निर्भर है.

इस मामले में रांची रेंज के डीआईजी एवी होमकर से बात करने के बाद उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है. जांच के बाद कार्रवाई की अनुशंसा पुलिस मुख्यालय से की जाएगी.

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पुलिस की साजिश का शिकार कैसे हुए दोनों युवक

हटिया डीएसपी विनोद रवानी के इस साजिश के कारण दोनों युवकों के घर वाले पिछले 25 दिनों से उनके रिहाई का इंतजार कर रहे हैं. परिजनों के अनुसार हटिया डीएसपी के नेतृत्व में शराब तस्करी की झूठी कहानी रचकर दो युवकों को चोरी की गाड़ियों में शराब के साथ रंगेहाथ गिरफ्तारी दिखाया और उन्‍हें 31 अगस्त को जेल भेज दिया गया था. इसमें हटिया डीएसपी विनोद रवानी ने अधिकारियों को सूचना दी थी कि एक सफारी (जेएच-05एच-1441) और एक मारूति कार (जेएच-11ए-4495) से दो शराब तस्कर पकड़े गए हैं. दावा किया गया कि धुर्वा स्थित शालीमार मार्केट से बिहार के लिए चली गाड़ियां जब्त की गई हैं. इसके विपरीत दोनों गाड़ियां डोरंडा के पत्थल रोड के बगल में एक घर के सामने से उठाई गई थी. पुलिस इसे क्रेन से उठवाकर चुपचाप ले गई थी.

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बिना बैट्री वाली कार को दिखाया चलती कार

यह पूरा माजरा मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था. वाहन के मालिकों के मुताबिक दोनों गाड़ियां घर के बाहर लंबे समय से मरम्मत के लिए खड़ी थी. सफारी में बैटरी भी नहीं थी, फिर भी चलती कार दिखाकर उसमें शराब लादकर भेजने की कहानी रची गई थी. इस पूरी कहानी को सच बनाकर एक प्रेस वार्ता भी कराई थी. इसमें सिटी एसपी को मोहरा बना दिया गया था. जबकि उन्हें उनकी जालसाजी की जानकारी तक नहीं थी.

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