Ranchi

राज्य के इंटर और +2 स्कूलों में हर साल खाली रह जाती हैं दो लाख सीट, पलायन नहीं होने से एडमिशन की कर रहे आस

Ranchi:  राज्य के डिग्री कॉलेजों के इंटर विंग में नामांकन के लिए जरूर मारामारी हो रही है, लेकिन सरकार के इंटर कॉलेज और प्लस टू स्कूल अब भी स्टूडेंट्स की बाट जोह रहे हैं. इसकी वजह यह कि राज्य के इंटर कॉलेजों और प्लस टू स्कूलों में सीटों की संख्या का अधिक होना है. राज्य में बीते कई सालों में शिक्षा विभाग की ओर से बड़ी संख्या में हाईस्कूलों को अपग्रेड कर प्लस टू बनाये गये. वहीं कई नये प्लस टू स्थापित किये गये. ऐसे में राज्य से इंटर पास करने वाले स्टूडेंट्स के मुकाबले इंटर के सीटों की संख्या ज्यादा हो गयी. ऐसे में राज्य के सरकारी और प्लस टू स्कूलों में सीटें खाली रह जाती रही हैं. पर इस साल स्टूडेंट्स के पलायन नहीं होने की वजह से सीटें भरने की उम्मीद स्कूल लगा रहे हैं.

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पलायन नहीं तो सीटें भरने की लगा रहे उम्मीद

गौरतलब है कि इस साल 10वीं के बाद की पढ़ाई के लिए बड़ी संख्या में राज्य के स्टूडेंट्स का बाहर जाना संभव नहीं हो पा रहा है. वहीं बड़ी संख्या में देश के दूसरे शहरों से लौटे परिवारों की वजह से भी इंटर की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ने की उम्मीद जतायी जा रही है. ऐसे में शिक्षा विभाग उम्मीद लगा रहा है कि इस साल राज्य के सरकारी प्लस टू स्कूलों की 2 लाख के करीब सीटें जरूर भर जायेंगी.

राज्य में प्लस टू स्कूलों, स्थायी प्रस्वीकृति प्राप्त इंटर कॉलेजों, डिग्री कॉलेजों, अंगीभूत कॉलेजों और स्थापना अनुमति प्राप्त इंटर कॉलेजों में लगभग पांच लाख सीटें हैं. वहीं औसतन तीन लाख स्टूडेंट्स 10वीं की परीक्षा पास करते हैं.

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203 कस्तूरबा, 89 मॉडल स्कूल और 510 प्लस टू सहित कई स्कूलों में हो रही इंटर की पढ़ाई

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में डिग्री कॉलेजों के इंटर विंग के अलावा 203 कस्तूरबा, 89 मॉडल स्कूल और 510 प्लस टू स्कूलों में इंटर की पढ़ाई होती है. कस्तूरबा और मॉडल स्कूल सामान्य प्लस टू स्कूलों से अलग हैं. यहां पढ़ाई की विशेष व्यवस्था भी है. इसके बाद भी यहां सीटें खाली रह जाती है. सबसे ज्यादा सीट कॉमर्स सेक्शन में रहती हैं.

राज्य के प्लस टू स्कूलों में 1 लाख 95 हजार सीट हैं. वहीं डिग्री कॉलेजों में इंटर की लगभग 98 हजार सीट है. वहीं स्थायी प्रस्वीकृति प्राप्त तथा स्थापना अनुमति प्राप्त कॉलेंजों में लगभग डेढ़ लाख सीट है. कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में प्रतिस्कूल 100 सीट हैं. लेकिन गत वर्ष के नामांकन के आंकड़े बताते हैं कि 203 कस्तूरबा गांधी स्कूल में केवल 7324 छात्राओं ने ही नामांकन लिया था. इसमें साइंस में 1161, आर्ट्स में 5957 और कॉमर्स में केवल 206 छात्राओं ने एडमिशन लिया था.

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