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कल से नक्सलियों का दो दिवसीय बिहार-झारखंड बंद, प्रशासन सतर्क

एसपी बलिहार हत्या केस में दो नक्सलियों को हुई फांसी की सजा का विरोध

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Ranchi: प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी में 16 और 17 अक्टूबर को बिहार और झारखंड में दो दिवसीय बंद की घोषणा की है. बिहार के 7 जिले और झारखंड के 6 जिले में दो दिवसीय बंद का आह्वान भाकपा माओवादी संगठन के द्वारा किया गया है. इस संबंध में भाकपा माओवादी के पूर्वोत्तर झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी के प्रवक्ता प्रतीक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी है.

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झारखंड, बिहार के 13 जिलों में बुलाया गया बंद

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नक्सली संगठन द्वारा झारखंड के 6 और बिहार के 7 जिलों में बंद बुलाया गया है. झारखंड के गिरिडीह, दुमका पाकुड़, कोडरमा, देवघर और गोड्डा में जबकि बिहार के नवादा, भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, जमुई, शेखपुरा  में बंदी बुलायी गयी है. इससे दो दिन पहले भी नक्सली संगठन में गिरीडीह के जैन तीर्थस्थल मधुबन में दो दिनों के बंद का आह्वान किया था. ये बंद पारसनाथ पहाड़ पर बाइक के जरिए तीर्थयात्रियों को पहुंचाने के विरोध में बुलाया गया था, क्योंकि इससे डोली मजदूर के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या आ गयी है.

सभी जिले के एसपी को अलर्ट रहने का दिया गया है निर्देश

झारखंड के जिन 6 जिलों में भाकपा माओवादी संगठन के द्वारा दो दिवसीय बंदी का आह्वान किया गया है. पुलिस हेड क्वार्टर के द्वारा उन सभी जिले के एसपी को अलर्ट रहने को कहा गया है. बंद के दौरान कोई भी अनहोनी नहीं हो इसके लिए पुलिस प्रशासन चौकस है.

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 दो नक्सलियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के विरोध में बंद

एसपी अमरजीत बलिहार हत्याकांड में दुमका कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाई थी. कोर्ट ने एसपी की हत्या का दोषी मानते हुए दोनों नक्सलियों सुखलाल उर्फ प्रवीर और सनातन बास्की उर्फ ताला को फांसी की सजा सुनाई है. जबकि पांच आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था. जिला एवम अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मो तौफीकुल हसन की कोर्ट ने दोनों नक्सलियों को फांसी की सजा सुनाई थी. इससे पहले 32 गवाहों के बयान के आधार पर दोनों को दोषी ठहराया था.

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नक्सलियों ने की थी एसपी बलिहार की हत्या

उल्लेखनीय है कि 2 जुलाई 2013 को दुमका से पाकुड़ लौटने के दौरान काठीकुण्ड के आमतल्ला के पास पाकुड़ के तत्कालीन एसपी अमरजीत बलिहार के काफिले पर नक्सलियों ने एके 47, इंसास राइफल और एसएलआर से गोलीबारी की थी. इसमें एसपी के अलावा 5 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी. इस मामले में सुखलाल मुर्मू उर्फ प्रवीर समेत चार नक्सलियों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था. सात अभियुक्तों के खिलाफ ट्रायल चला. प्रवीर दा, वकील हेम्ब्रम, मानवेल मुर्मू, मानवेल मुर्मू-2, सतन बेसरा, सनातन बास्की के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 326, 307, 379, 302, 427, 27 शस्त्र अधिनियम एवं 17 सीएलए के तहत काठीकुंड थाने में मामला दर्ज किया गया था. प्रवीर दा मसलिया में हुए कुटला मियां हत्याकांड में 9 अगस्त 2016 से आजीवन कारावास की सजा काट रहा है.

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