न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

श्रमिक संगठनों की देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल, 20 लाख मजदूर शामिल

1,935

New Delhi: बैंक कर्मचारी यूनियन, श्रमिक संगठनों, नॉर्थ ईस्ट में सिटिजनशिप बिल के विरोध में तमाम संगठन आज से दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल पर हैं.  करीब 20 करोड़ कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हो रहे हैं. हड़ताल का मिला-जुला असर देखा जा रहा है. कहीं ट्रेन तो कहीं बस सेवा प्रभावित हुई है. सुबह से ही मुंबई की सड़कों पर बेस्ट बस नहीं दिख रही है. बस स्टॉप पर लोगों को इंतजार करते देखा जा रहा है. बेस्ट कर्मचारियों का कहना है कि पिछले डेढ़ सालों से सरकार ग्रैच्युटी और वेतन से जुड़े विभिन्न मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है. इधर भुवनेश्वर में हड़ताल समर्थकों ने सड़क पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया.

eidbanner

एटक की महासचिव अमरजीत कौर ने सोमवार को बताया कि 10 केंद्रीय श्रमिक संघों ने दो दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा नीत सरकार की जनविरोधी और श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ इस हड़ताल में सबसे ज्यादा संख्या में संगठित और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी शामिल हो रहे हैं. श्रमिक संघों ने ट्रेड यूनियन अधिनियम-1926 में प्रस्तावित संशोधनों का भी विरोध किया है.

20 लाख मजदूर शामिल

एटक महासचिव ने बताया कि करीब 20 लाख कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि दूरसंचार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कोयला, इस्पात, बिजली, बैंकिंग, बीमा और परिवहन क्षेत्र के लोगों के इस हड़ताल में शामिल होने की उम्मीद है. कौर ने कहा, ‘ हम बुधवार को नयी दिल्ली में मंडी हाउस से संसद भवन तक विरोध जुलूस निकालेंगे. इसी तरह के अन्य अभियान देशभर में चलाए जाएंगे.’ कौर ने कहा कि केंद्रीय श्रमिक संघ एकतरफा श्रम सुधारों का भी विरोध करती हैं.

इस हड़ताल में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी शामिल हो रहे हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध भारतीय मजदूर संघ इसमें भाग नहीं ले रहा है.

Related Posts

बंगाल को तरजीह, सांसद अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में कांग्रेस के नेता होंगे

अधीर रंजन चौधरी के साथ-साथ केरल के नेता के सुरेश, पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर इस पद के लिए दौड़ में शामिल थे.

क्या है मांगें ?

अमरजीत कौर ने कहा कि सरकार रोजगार पैदा करने में नाकाम रही है. सरकार ने श्रमिक संगठनों के 12 सूत्रीय मांगों को भी नहीं माना. श्रम मामलों पर वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में बने मंत्रिसमूह ने दो सितंबर की हड़ताल के बाद श्रमिक संगठनों को चर्चा के लिए नहीं बूलाया. इसके चलते हमारे पास हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.

दो दिनों की श्रमिक हड़ताल से लोगों को बैंक संबंधी कामों को लेकर कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि इन दो दिनों के दौरान देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में संभवत: कामकाज होगा जिसकी 85,000 शाखाएं हैं. कुछ अन्य नेशनल बैंकों में भी सामान्य कामकाज होने की उम्मीद है.

इसे भी पढ़ेंः मोदी सरकार का फैसला- सवर्णों को नौकरी और शिक्षा में मिलेगा 10% आरक्षण

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: