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जानलेवा बने शौचालय के लिए बने गड्ढे, दो दिनों में डूब कर गई 2 बच्चों की जान

शुभम के दादा की मानें तो साथ गई उसकी दादी ने उसे गड्ढे से बाहर निकाला

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Giridih : आधे-अधूरे शौचालय का निर्माण गिरिडीह में जानलेवा साबित हो रहा है. लगातार अर्धनिर्मित शौचालयों में हादसे हो रहे हैं. बेंगाबाद में गड्ढे में डूब कर बच्चे की मौत की घटना की सिसकियां अभी थमी भी नहीं थी कि जमुआ के माघाखुर्द गांव में एक अधूरे शौचालय की टंकी में डूबकर एक बच्ची की जान चली गई. बताया गया कि यहां समसुद्दीन अंसारी की 3 साल की बेटी आफरीन शौचालय के अर्धनिर्मित गड्ढे में अचानक जा गिरी और बारिश का पानी उसमें जमा रहने से बच्ची पानी में डूब गई. इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

अर्धनिर्मित शौचालय के गड्ढे हुए खतरनाक
ग्रामीणों ने बताया गया कि काफी वक्त से शौचालय के लिए गड्ढा खोदकर उसे वैसे ही रख छोड़ा गया था. बारिश का पानी उस गड्ढे में जमा हो गया था और पानी से भरा यह गड्ढा इस बच्ची के लिए जानलेवा साबित हुआ.

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दो दिनों में 2 बच्चे की हुई मौत
गौरतलब है कि जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के कुटरी निवासी निरंजन शर्मा के चार वर्षीय पुत्र निलेश शर्मा की मौत सोमवार को इसी तरह गड्ढे में डूबने से हो गयी. इसका कारण भी स्कूल परिसर में बन रहे शौचालय के लिए खोदा गया गड्ढा ही बना, जिसमें डूबने से उसकी मौत हो गई.

मुखिया और बीडीओ पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने मुखिया और स्थानीय बीडीओ पर लापरवाही का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि जमुआ बीडीओ कभी भी शौचालय का निरीक्षण नहीं करते हैं. यही वजह है कि मुखिया लापरवाही बरतते हुए जैसे-तैसे पंचायत में शौचालय का निर्माण करवा रहे हैं. बहरहाल, दो दिनों में 2 मासूमों की मौत की घटना ने जिला प्रशासन और स्वच्छता अभियान पर कई सवाल खड़े कर दिए है.

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