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राजद में सत्ता के दो केंद्र ? तेजप्रताप के होने से पार्टी ऑफिस जाने से कतरा रहे तेजस्वी खेमे के नेता !

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Patna: राष्ट्रीय जनता दल में इन दिनों सब ठीक चलता नहीं दिख रहा. आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप जब से रांची से अपने पिता से मिलकर लौटे हैं, राजनीति में बड़े सक्रिय हो गये हैं. उन्होंने दूसरे दिन भी पटना में पार्टी ऑफिस में जनता दरबार लगाया. तेजप्रताप की ये सक्रियता देखकर पार्टी के कुछ बड़े नेता थोड़े असहज महसूस कर रहे हैं. खासकर तेजस्वी खेमे के नेताओं की बेचैनी बढ़ गई है. ऐसे राजद नेता उस समय पार्टी कार्यालय जाने से बचते हैं, तब तेजप्रताप वहां मौजूद होते हैं.

बड़ी जिम्मेदारी के लिए हूं तैयार

पार्टी ऑफिस में तेजप्रताप ने जनता दरबार लगाया, जिसमें उन्होंने लोगों की समस्याुएं सुनी. साथ ही उन्हों ने कहा कि वह पार्टी द्वारा दी जाने वाली कोई भी महत्वापूर्ण भूमिका निभाने को तैयार हैं. वहीं जनता दरबार लगाये जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोगों को समझने के लिए उसने संवाद करना जरुरी है. पिछले सप्ता ह तेजप्रताप ने उस कमरे में वक्तं बिताया जहां लालू बैठा करते थे. वही ट्वीट करते हुए उन्होंने नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा. और बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाये.

तेजस्वी के आने से होगी खुशी

वही दूसरे दिन जनता दरबार लगाने के बाद लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप ने कहा कि उन्हें छोटे भाई तेजस्वी यादव के जनता दरबार में आने से बेहद खुशी होगी. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी में कुछ आरएसएस जैसी सोच वाले लोग हैं. लेकिन मुझसे व्यक्तिगत रूप से मिलने के बाद उनके विचार भी बदलेंगे. मुझे नहीं पता है कि वह क्या कह रहे हैं और क्यों कह रहे हैं. चुनाव आ रहे हैं और कई लोग बेकार में टिकट की चिंता करते हुए बोलने लगते हैं.

तेज प्रताप ने यह भी कहा कि वह तेजस्वी यादव को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनाने के लिए काम करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा, ‘मैंने सार्वजनिक तौर पर अपनी प्रतिबद्धता बहुत पहले जताई थी. मैंने महाभारत का प्रसंग भी दिया था, मैंने बार-बार कहा भी है कि तेजस्वी अर्जुन हैं और मैं कृष्ण की भूमिका निभाऊंगा. मैं उसका पथ प्रदर्शन करूंगा.’ उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग भाइयों के बीच दीवार खड़ी करना चाहते हैं.

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