GiridihMain Slider

अवैध खंता संचालन पर वसूली के विवाद में हुई CCL के सुरक्षा प्रभारी की हत्या, दो गिरफ्तार

विज्ञापन

Giridih : सीसीएल के अपहृत सुरक्षा प्रभारी जयप्रकाश उर्फ भोला सिंह के हाइप्रोफाइल हत्याकांड का खुलासा दो सप्ताह बाद गिरिडीह पुलिस ने कर लिया है. दो लोग गिरफ्तार किये गये हैं. घटना के पीछे अवैध खंता संचालन को लेकर वसूली का विवाद सामने आया है.

रविवार सुबह जुबलीपीठ चानक स्थित खंता से सीसीएल के कर्मियों ने हड्डी भी बरामद की है. यह वही खंता है जहां एसपी झा के निर्देश पर पुलिस और सीसीएल के कर्मियों ने शनिवार से तलाशी अभियान शुरू किया था.

भूमिगत आग से प्रभावित खंता में बेहद सावधान से सुरक्षा प्रभारी की तलाशी शुरू की गयी. रविवार सुबह करीब नौ बजे खंता से हड्डी मिलने के बाद उन्हें जब्त कर जांच के लिए एफएसएल भेज दिया गया है. इससे स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद हड्डियां सुरक्षा प्रभारी की ही हैं

advt

चार दिन पहले भदुआपहाड़ी स्थित बंद चानक से एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षा प्रभारी की बाइक को खोज निकाला था.

इसे भी पढ़ें – पुलवामा हादसे को बीते 150 दिन, रघुवर दास ने किया था शहीदों के परिजनों को मदद का वादा, नहीं किया पूरा

आरोपी पप्पू का पिता चलाता है अवैध खंता

रविवार को पुलिस लाईन में प्रेसवार्ता कर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, डीएसपी नवीन सिंह ने बताया कि हाईप्रोफाइल हत्याकांड के दोनों आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया है. पकड़ा गया सौहेल शेख शहर के कसाई मुहल्ले के चूड़ी मुहल्ले का निवासी है जबकि पप्पू मारीक बनियाडीह के अकदोनीकला गांव का रहने वाला है.

adv

हत्याकांड की वजह आपसी दुश्मनी के रूप में सामने आयी है. प्रेसवार्ता के दौरान पप्पू मरीक ने स्वीकार किया कि उसके पिता हुरो मरीक से अवैध खंता संचालन के नाम पर मृतक सुरक्षा प्रभारी जयप्रकाश सिंह पैसे वसूली किया करते थे. इसी बात को लेकर आपसी दुश्मनी चल रही थी. इसका बदला लेने के लिए पप्पू मरीक ने अपने दोस्त सौहेल के साथ मिलकर सुरक्षा प्रभारी की हत्या कर दी.

दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि 28 जून को ही पप्पू मरीक और सौहेल ने बनियाडीह से एक बाइक चोरी भी की थी.

इसे भी पढ़ें – पाकुड़ : होमगार्ड में चयन होने 7 महीने बाद भी अब तक नहीं मिला प्रशिक्षण, दर-दर भटक रहे छात्र

हत्याकांड के बाद फरार हो गये थे दोनों

अवैध खंता संचालन पर वसूली के विवाद में हुई CCL के सुरक्षा प्रभारी की हत्या, दो गिरफ्तार
प्रेसवार्ता में मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी.

पप्पू मरीक की गिरफ्तारी पुलिस ने पश्चिम बंगाल के कुल्टी से बराकर आने के दौरान सिहोडीह पुल के समीप से की, जबकि सौहेल शेख घटना को अंजाम देकर यूपी के अलीगढ़ फरार हो गया था. अलीगढ़ से धनबाद लौटने के बाद गिरिडीह शहर आने के क्रम में ताराटांड के समीप उसे दबोचा गया.

हत्याकांड के बाद दोनों आरोपी अलग-अलग जगह फरार हो गये थे. मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस लगातार दिल्ली, बंगाल तक तलाश कर रही थी. पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद दोनों आरोपियों ने स्वीकारा कि उनलोगों ने सुरक्षा प्रभारी की हत्या के लिए ठोस योजना बनायी थी.

प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस पदाधिकारियों ने बताया कि बीते 30 जून से अपहरण होने के बाद पुलिस अपहृत सुरक्षा प्रभारी की टोह लेने में जुट गयी थी. दूसरे दिन एक जूलाई से ही पुलिस को हत्याकांड में सुराग मिलने शुरू हो गये थे. इसके बाद हत्याकांड के खुलासे के लिए एसपी सुरेन्द्र झा के निर्देश में एसआइटी का गठन किया गया.

मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराने जा रहे थे सुरक्षा प्रभारी

प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस पदाधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि सुरक्षा प्रभारी जयप्रकाश सिंह ओपेन कास्ट में हुई मारपीट व लूट की घटना को लेकर आरोपियों के खिलाफ बीते 30 जून को मुफ्फसिल थाना में केस दर्ज कराने गये थे, जबकि सौहेल और पप्पू मरीक शराब और गांजा के नशे में गिरिडीह जा रहे थे.

इसी दौरान दोनों आरोपियों का सामना सुरक्षा प्रभारी से सीसीएल डीएवी स्कूल के गेट के समीप हुआ. भोला सिंह और दोनों आरोपी बाइक से थे. आरोपियों की बाइक की लाइट जब भोला सिंह के आंख में पड़ी उन्होंने पप्पू मरीक को कुछ अपशब्द कहे.

सुरक्षा प्रभारी को देखते ही पप्पू ने कहा कि कि वह उन्हें पहचानता है और उसकी पुरानी दुश्मनी है. इसके बाद मारने की धमकी देते हुए दोनों भोला सिंह की ओर बढ़े और चाकू से कई बार वार किया जिससे मौके पर ही भोला सिंह की मौत हो गयी. साक्ष्य छिपाने के मकसद से ही दोनों आरोपियों ने सुरक्षा प्रभारी की बाइक को चानक में डाला और शव को जुबलीपीठ स्थित खंता में डाल दिया.

इसे भी पढ़ें – क्या शिवपुर रेलवे साइडिंग चालू कराने में टीपीसी के अर्जुन गंझू का हाथ है

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button