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TVNL आउट ऑफ कंट्रोल : हटिया-नामकुम ग्रिड भी एक घंटे तक फेल, बिजली के लिए मचा हाहाकार

राजधानी सहित सभी जिलों में जारी है बिजली की कटौती

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Ranchi : प्रदेश की बिजली व्यवस्था ऐसी है कि पत्ता भी खड़के तो बत्ती गुल. वहीं अगर आंधी-पानी आ जाए तो तीन से चार घंटे तक आपूर्ति ठप हो जाती है. वजह सिस्टम दुरुस्त नहीं हो पाया है. बुधवार की सुबह से ही राजधानी सहित अन्य जिलों की बिजली व्यवस्था चरमरा हुई है.

सुबह 10:16 बजे राज्य का एकमात्र पावर प्लांट टीवीएनएल भी आउट ऑफ कंट्रोल हो गया. इस कारण राजधानी सहित अन्य जिलों में भी बिजली व्यवस्था चरमरा गई. फिलहाल पूरे प्रदेश में बिजली की कटौती जारी है.

टीवीएनएल के एमडी अरविंद सिन्हा ने बताया कि बिहारशरीफ और पतरातू लाइन ट्रिप करने से दोनों यूनिट से उत्पादन ठप हो गया. एक यूनिट से उत्पादन शाम तक शुरू हो पाएगा.

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नामकुम और हटिया ग्रिड भी एक घंटे तक रहा फेल

पावर ग्रिड और तेनुघाट की लाइन में जर्क आने से राजधानी के हटिया और नामकुम ग्रिड भी ठप होगा. सुबह 10:16 में दोनों ग्रिड से पावर जीरो हो गया. इसके बाद 11:45 बजे इसे रिस्टोर किया गया.

इस वजह से राजधानी की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई. पावर जीरो होने के कारण अब तक टीवीएनएल को यूनिट शुरू करने के लिए बिजली नहीं मिल पाई है.

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आंधी पानी तो छोड़िये, पत्ता भी खड़के तो बत्ती गुल

प्रदेश की बिजली व्यवस्था ऐसी है कि आंधी-पानी तो छोड़िये, पत्ता भी खड़के तो बत्ती गुल हो जाती है. तीन साल पहले 28 अप्रैल 2016 को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अंडरग्राउंड केबलिंग प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था.

उस समय कहा गया था कि अंडरग्राउंड केबलिंग होने आंधी-पानी और जुलूस के समय बिजली नहीं कटेगी. अंडरग्राउंड केबलिंग का काम पॉलीकैब को दिया गया. कंपनी ने छह महीना सर्वे में ही गुजार दिया. अब तीन साल प्रोजेक्ट के हो गये, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया है.

कंपनी ने दावा किया है कि अप्रैल के अंत तक काम पूरा हो जायेगा. लेकिन काम पूरा करने से पहले थर्ड पार्टी द्वारा काम का मूल्यांकन होगा. तभी कंपनी को र्सिर्टफिकेट मिलेगा. इससे पहले कंपनी को काम पूरा करने के लिए दो बार अवधि विस्तार भी मिल चुका है.

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क्या होना था अंडरग्राउंट केबलिंग के तहत

  • 33 और 11 केवी के नये 11 पावर सब स्टेशन का निर्माण.
  • 17 पुराने पावर सब स्टेशन का क्षमता विस्तार.
  • 28 सर्किट किलोमीटर नई लाइन का विस्तार.
  • 208 सर्किट किलोमीटर नई 11 केवी लाइन का विस्तार.
  • 744 सर्किट किलोमीटर पुराने 33 और 11 केवी लाइन का क्षमता विस्तार.
  • 41.5 किलोमीटर 33 और 11 केवी अंडरग्राउंड केबलिंग.
  • 4123 नये ट्रांसफॉरमर का प्रतिष्ठापन.
  • 965 सर्किट किलोमीटर घरेलू लाइन को एरियल बंच केबल में बदलना.

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क्या है पावर की स्थिति

  • टीवीएनएल: 00
  • सिकिदरी: 00
  • सीपीपी: 08 मेगावाट
  • इंलैंड पावर : 52 मेगावाट
  • सेंट्रल एलोकेशन: 540 मेगावाट
  • आधुनिक: 186 मेगावाट
  • एसइआर-48 मेगावाट
  • आइइएक्स: 116 मेगावाट

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