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इंडोनेशिया में सूनामी ने दस्तक दी, भारी तबाही,  43 लोग मारे गये, 600 घायल

इंडोनेशिया में एक बार फिर सूनामी ने दस्तक दी है. खबरों के अनुसार इंडोनेशिया के जावा और सुमात्रा में आयी सूनामी के कारण कई समुद्री तटों के पानी से तबाही आयी है. अधिकारियों का कहना है कि इस में कम से कम 43 लोग मारे गये हैं.

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Jakarta : इंडोनेशिया में एक बार फिर सूनामी ने दस्तक दी है. खबरों के अनुसार इंडोनेशिया के जावा और सुमात्रा में आयी सूनामी के कारण कई समुद्री तटों के पानी से तबाही आयी है. अधिकारियों का कहना है कि इस में कम से कम 43 लोग मारे गये हैं. सरकार का कहना है कि कम से कम 600 लोग घायल हुए हैं और कई लोग लापता हैं. सूनामी से प्रभावित इलाक़ों में आपातकालीन सेवाएं पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. इंडोनेशिया के सुंडा स्ट्रैट (खाड़ी) के आसपास के तटीय इलाक़ों में दर्जनों लोग मारे गये है. देश की आपदा प्रबंधन एजेंसी का कहना है कि दर्जनों इमारतों को नुकसान पहुंचा है. अनुमान लगाया जा रहा है कि क्रेकाटोआ ज्वालामुखी के फटने के बाद समुद्र के भीतर हुए भूस्खलन की वजह से सूनामी आयी.  जानकारी दी गयी है कि सबसे ज़्यादा मौतें पंडेग्लांग, दक्षिणी लांपुंग और सेरांग इलाक़ों में हुई हैं. इस संबंध में आपदा प्रबंधन एजेंसियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है. एक फुटेज इंडोनेशिया की आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुर्वो नुगरोहो ने पोस्ट किया है. फुटेज में दिख रहा है कि सड़क पर पानी भरा हुआ है गाड़ियां पानी के साथ बह गयी.  इससे पहले इन्होंने फुटेज पोस्ट किया था कि पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है और लोग भागने की तैयारी कर रहे हैं.

 ज्वालामुखी फ़ोटोग्राफ़र पश्चिमी जावा के अनयेर तट पर मौजूद थे

सूनामी के समय नॉर्वे के ज्वालामुखी फ़ोटोग्राफ़र ओयेस्टइन लुंद एंडरसन पश्चिमी जावा के अनयेर तट पर मौजूद थे. उनका कहना है, मैं बीच पर था. मैं अकेला था और मेरे परिवार के लोग एक कमरे में सो रहे थे. मैं क्रेकाटोआ ज्वालामुखी की तस्वीरें लेने की कोशिश कर रहा था. कल शाम से ज्वालामुखी का माहौल बन रहा था. तटों पर ऐसा कुछ नहीं लगा रहा था कि सूनामी आएगी. तटों पर अंधेरा था. मैंने अचानक देखा कि तरंगे उठने लगीं और वहां से भागा. यहां दो तरंगें थीं. पहली तरंग बहुत मज़बूत नहीं थी. मैं होटेल की तरफ़ भागा, जहां मेरी पत्नी और बेटे सो रहे थे. मैंने उन्हें जगाया और मैंने सूनामी की आवाज़ सुनी. मैंने खिड़की से देखा तो दूसरी तरंग टकरा चुकी थी. वो ज़्यादा बड़ी थी. तरंग होटल के पास से गुज़री और बाहर खड़ी कारों को अपने साथ लेती गयी. हमलोग अन्य लोगों के साथ होटल के दूसरी तरफ़ ऊंचे स्थान की ओर भागे. हमलोग अब भी एक पहाड़ पर हैं.

 सूनामी किसे कहते हैं

समुद्र के भीतर अचानक जब बड़ी तेज़ हलचल होने लगती है तो उसमें उफान उठता है. इससे ऐसी लंबी और बहुत ऊंची लहरों का रेला उठना शुरू हो जाता है जो जबरदस्त आवेग के साथ आगे बढ़ता है. इन्हीं लहरों के रेले को सूनामी कहते हैं. दरअसल सूनामी जापानी शब्द है जो सू और नामी से मिल कर बना है. सू का अर्थ है समुद्र तट और नामी का अर्थ है लहरें. पहले सूनामी को समुद्र में उठने वाले ज्वार के रूप में भी लिया जाता रहा है लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल समुद्र में लहरे चांद-सूरज और ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से उठती हैं, लेकिन सूनामी लहरें इन आम लहरों से अलग होती हैं. सूनामी लहरों के पीछे वैसे तो कई कारण होते हैं लेकिन सबसे ज्यादा असरदार कारण है भूकंप. इसके अलावा ज़मीन धंसने, ज्वालामुखी फटने, किसी तरह का विस्फोट होने और कभी-कभी उल्कापात के असर से भी सूनामी लहरें उठती हैं. सूनामी लहरें समुद्री तट पर ज़ोरदार हमला करती हैं और जान-माल का बुरी तरह नुक़सान कर सकती है.

सूनामी के बारे में भी अंदाज़ा नहीं लगा सकते

 जिस तरह वैज्ञानिक भूकंप के बारे में भविष्यवाणी नहीं कर सकते, वैसे ही सूनामी के बारे में भी अंदाज़ा नहीं लगा सकते. लेकिन सूनामी के अब तक के रिकॉर्ड को देखकर और महाद्वीपों की स्थिति को देखकर वैज्ञानिक कुछ अंदाज़ा लगा सकते हैं. धरती की जो प्लेट्स या परतें जहां जहां मिलती है वहाँ के आसपास के समुद्र में सूनामी का ख़तरा ज़्यादा होता है.जब कभी भीषण भूकंप की वजह से समुद्र की ऊपरी परत अचानक खिसककर आगे बढ़ जाती है तो समुद्र अपनी समांतर स्थिति में ऊपर की तरफ बढ़ने लगता है.जो लहरें उस वक़्त बनती हैं वो सूनामी लहरें होती हैं.  भीतर के पानी के साथ मिल कर जब सूनामी किनारे की तरफ़ बढ़ती है तो उसमें इतनी तेज़ी होती है कि वो 30 मीटर तक ऊपर उठ सकती है और उसके रास्ते में चाहे जंगल या इमारतें कुछ भी आएं, सबका सफ़ाया कर देती है.

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