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इंडोनेशिया में सूनामी : मरने वालों की संख्या 168 के पार, 745 लोग घायल

इंडोनेशिया के सुंडा जलडमरूमध्य में शनिवार की रात ज्वालामुखी फटने से आयी सूनामी में मारे गये लोगों की संख़्या 168 पार कर गयी है.

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Jakarta : इंडोनेशिया के सुंडा जलडमरूमध्य में शनिवार की रात ज्वालामुखी फटने से आयी सूनामी में मारे गये लोगों की संख़्या 168 पार कर गयी है. लगभग 745 लोग घायल हो गये.  इस दौरान करीब 20 मीटर ऊंची लहरें उठीं जिससे होटलों सहित सैकड़ों मकान नष्ट हो गये. इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी के वैज्ञानिकों ने कहा कि अनाक क्राकाटाओ ज्‍वालामुखी के फटने के बाद समुद्र के नीचे भूस्खलन सूनामी का कारण हो सकता है. उन्होंने लहरों के उफान का कारण पूर्णिमा के चंद्रमा को भी बताया. देश की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता स्तुपो पुर्वो ने बताया कि शनिवार को स्थानीय समयानुसार रात लगभग साढ़े नौ बजे दक्षिणी सुमात्रा और पश्चिमी जावा के पास समुद्र की ऊंची लहरें तटों को तोड़कर आगे बढ़ीं जिससे अनेक मकान नष्ट हो गये.

प्रत्यक्षदर्शियों ने सोशल मीडिया पर सूनामी का मंजर सोशल मीडिया पर बयां किया है.  ओयस्टीन एंडरसन ने फेसबुक पर लिखा कि तट से गुजरते समय लहरों की ऊंचाई 15 से 20 मीटर थी, जिसकी वजह से हमें तट से भागना पड़ा.  उसने कहा कि वह ज्वालामुखी की तस्वीरें ले रहा था कि अचानक तेज गति से आती एक बड़ी लहर दिखी.

शुक्र है कि हम सुरक्षित हैं

एंडरसन ने लिखा, दूसरी लहर एक होटल में घुसी जहां हम रुके हुए थे.  मैं परिवार के साथ किसी तरह जंगल और गांव के रास्ते बचने में कामयाब रहा, फिलहाल स्थानीय लोग हमारी देखभाल कर रहे हैं, शुक्र है कि हम सुरक्षित हैं. सूनामी का सबसे ज्यादा प्रभाव जावा के बांतेन प्रांत के पांडेंगलांग क्षेत्र में पड़ा है.  आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार यहां 33 लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा दक्षिणी सुमात्रा के बांदर लामपंग शहर में सैकड़ों लोगों को गवर्नर के कार्यालय में शरण लेनी पड़ी है. भूभौतिकी एजेंसी ने कहा कि हिंद महासागर और जावा समुद्र को जोड़ने वाले सुंडा जलडमरूमध्य में सूनामी आने से करीब 24 मिनट पहले अनाक क्राकाटाओ ज्वालामुखी फटा था.

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