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ट्रंप के तेवर नरम-ईरान अब भी सख्त, मिसाइलें दागने के बाद कहा- हम इराक की संप्रभुता का सम्मान करते हैं

United Nation: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि इराक में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले में किसी भी अमेरिकी को नुकसान नहीं पहुंचा है. ट्रंप ने साथ ही ईरानी नेतृत्व को शांति की पेशकश की जिसे पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए अहम कदम माना जा रहा है.

ट्रंप ने की शांति की पेशकश

ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को शांति की पेशकश की जिसे पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए अहम कदम माना जा रहा है.

ट्रंप की यह टिप्पणी ईरान द्वारा इराक में कम-से-कम उन दो अड्डों पर एक दर्जन से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागने के कुछ घंटे बाद आई है, जहां अमेरिका और गठबंधन बलों के सैनिक तैनात थे. इस हमले को ईरान ने अमेरिका के चेहरे पर तमाचा बताया है.

ट्रंप ने व्हाइट हाउस ग्रैंड फोयर से राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, ‘ हमारा कोई भी सैनिक हताहत नहीं हुआ है. हमारे सभी सैनिक सुरक्षित हैं और हमारे सैन्य अड्डों को बहुत थोड़ा नुकसान हुआ है.’

ट्रंप ने कहा, ‘ हाल के दिनों में वह (सुलेमानी) अमेरिकी ठिकानों पर नए हमलों की योजना बना रहे थे लेकिन हमने उन्हें रोक दिया.’

उन्होंने कहा, ‘ सुलेमानी को हटाकर हमने आतंकवादियों को एक सख्त संदेश दिया है. अगर आप अपने जीवन को महत्व देते हैं तो आप हमारे लोगों के जीवन को खतरे में नहीं डालेंगे.’ ट्रंप ने कहा, ‘‘ सुलेमानी के हाथ अमेरिकी और ईरानियों के खून से सने हुए थे.’’

इराक की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हैं-ईरान

इधर इराक में अमेरिकी सैनिकों के ठिकानों पर मिसाइलें दागने के बाद ईरान ने बुधवार को कहा कि वह इराक की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस को लिखे गए पत्र में संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत माजिद तख्त रवांची ने कहा कि उनका देश ‘इराक की स्वतंत्रता, संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता का पूरा सम्मान करता है.’ इस हमले में इराक या अमेरिका की सेना से कोई हताहत नहीं हुआ.

ईरान मिशन की ओर से जारी पत्र में राजनयिक ने कहा, ‘इस अभियान में सैन्य प्रतिष्ठानों का निशाना बनाकर हमला किया गया था इसलिए किसी भी असैन्य व्यक्ति या क्षेत्र में स्थित असैन्य संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.

पत्र में ईरान ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने को लेकर समर्पित है और वह युद्ध को बढ़ाना नहीं चाहता है.

इराक के विदेश मंत्री ने बुधवार को कहा कि वह ईरान के राजदूत को तलब करेंगे क्योंकि मिसाइल हमला इराक की संप्रभुता का उल्लंघन था. इराक पिछले शुक्रवार को हुए अमेरिकी ड्रोन हमले के मामले में अमेरिकी राजनयिक को तलब कर चुका है. इस हमले में ईरान के शीर्ष कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी

ट्रंप को ईरान के साथ युद्ध से रोकने के लिए अमेरिकी सदन में होगा मतदान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के साथ युद्ध से रोकने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी नीत अमेरिका की प्रतिनिधिसभा में बृहस्पतिवार को मतदान होगा. अमेरिका की प्रतिनिधिसभा की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने यह जानकारी दी.

गैरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के शीर्ष जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या का आदेश दिया था. उसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया.

पेलोसी ने कहा कि डेमोक्रेट अब इस मामले में आगे बढ़ेंगे क्योंकि बुधवार को विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के साथ हुई बातचीत में उनकी चिंताओं का समाधान नहीं निकाला गया.

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