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चासनाला शहीदों के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में नहीं दी गयी शहीदों को सलामी, नाराजगी जताई गयी

Dhanbad :1975 में सेल की चासनाला कोलियरी में हुई भीषण दुर्घटना में मारे गये शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए शुक्रवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि आज ही के दिन 1975 में दिन के लगभग 1:30 बजे दुनिया की भीषण खान दुर्घटना हुई थी.

इस खान दुर्घटना में करीब 350 मजदूरों ने जलसमाधि ले ली थी. कार्यक्रम के दौरान लोगों ने खान दुर्घटना में मारे गये मजदूरों को श्रद्धांजलि दी. लेकिन उन्होंने इन मजदूरों के सम्मान में सलामी नहीं देने पर आपत्ति भी जतायी.

जीएम ने कहा, हाल ही में संभाला है पदभार

श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने आये मजदूर के परिजनों ने बताया कि हर साल मजदूरों के सम्मान में फायरिंग कर सलामी दी जाती थी. लेकिन पिछले दो-तीन सालों से मजदूरों को सलामी नहीं दी जा रही है. यह सवाल सेल के जीएम एके राय से भी पूछा गया. एके राय ने बताया कि मैंने हाल ही में पदभार संभाला है. जानकारी लेने के बाद ही कुछ बता पाउंगा.  उनके समक्ष स्मारक स्थल की उपेक्षा का मुद्दा भी उठाया गया. उन्होंने कहा कि स्मारक स्थल के सौंदर्यीकरण का काम किया जायेगा.

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बदहाल है स्मारक स्थल, घूमते रहते हैं आवारा पशु

सेल प्रबंधन हर साल 27 दिसंबर को मजदूरों को श्रद्धांजलि देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेता है. स्मारक स्थल के बनने के साथ ही बताया गया था कि इस स्थल के सौंदर्यीकरण का काम किया जायेगा. लेकिन आज तक इसके सौंदर्यीकरण की दिशा में कोई पहल नहीं की गयी. कार्यक्रम के दौरान जो फूलों के गमले नजर आ रहे थे, वे भी दूसरी जगह से मंगवाये गये थे.

जबकि कार्यक्रम के दौरान ही आवारा पशु स्मारक स्थल के समीप घूमता हुआ नजर आया. स्थानीय लोगों ने बताया कि स्मारक स्थल को कुछ असामाजिक तत्वों ने जमावड़ा बना लिया है. इसके साथ ही आवारा कुत्ते भी डेरा डाले हुए रहते हैं. सबकुछ पता रहने के बावजूद सेल प्रबंधन कोई कार्रवाई नहीं करता है.

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पांच साल बाद यह सवाल पूछने का मौका नहीं दूंगी : पूर्णिमा सिंह

इन सवालों को लेकर झरिया की नवनियुक्त कांग्रेस विधायक पूर्णिमा सिंह को भी लोगों ने घेरा. उन्होंने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी है. वे इस स्मारक स्थल के विकास और इसके सौंदर्यीकरण के लिए काम करेंगी. उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि पांच साल बाद आपको यह सवाल पूछने का मौका नहीं दूंगी.

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