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भाजपा सरकार को हटाने के लिए एकजुट है आदिवासी समाज, 40 संगठन कर रहे महागठबंधन का समर्थन : करमा उरांव

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Ranchi :  राज्य से भाजपा सरकार को उखाड़ने के लिए आदिवासी समाज एकजुट हैं. पूर्व में भी चुनाव को लेकर विभिन्न आदिवासी संगठनों की ओर से बैठक की गयी है. जिसमें भाजपा सरकार के पिछले चार सालों के काम से आदिवासी समाज में काफी असंतोष देखा गया है.

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उक्त बातें झारखंड आदिवासी संघर्ष मोर्चा के संयोजक डॉ करमा उरांव ने कहा. उन्होंने कहा कि चाहे मूल अधिकार हो या जल जगंल जमीन से जुड़े मामले, हर स्तर पर सरकार ने सिर्फ आदिवासियों को छला है. सीएनटी एसपीटी एक्ट संशोधन, स्थानीय नीति, भूमि अधिग्रहण आदि नियमों के नाम पर सिर्फ आदिवासियों की संपत्तियों को लूटने का काम सरकार ने किया है.

जो लोग इन नियमों के खिलाफ आवाज उठाते हैं सरकार ने उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया. उन्होंने कहा कि इसलिए 40 आदिवासी संगठनों ने मिलकर झारखंड आदिवासी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले निर्णय लिया है कि चुनाव में वे महागठबंधन का साथ देंगे.

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स्वच्छ छवि वालों की हो जीत

उन्होंने कहा कि महागठबंधन में सुबोधकांत सहाय, बाबूलाल मरांडी और शिबू सोरेन जैसे नेता शामिल है. जिन्होंने आदिवासियो के हितों में काम किया है. ऐसे में महागठबंधन का साथ दिया जायेगा. साथ ही यह भी ध्यान रखा जायेगा कि नेता स्वच्छ छवि के हो, जो आदिवासियों के हित और अधिकार के लिए कार्य करे, उनकी समस्याओं को संसद तक पहुंचाए.

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सरकारी संस्थाओं ने मूलधारा से हटकर काम किया

वहीं प्रेमचंद्र मुर्मू ने कहा कि सरकार के शासन में जितने भी संस्थाएं बनायी गयी, सबने मूलधारा और नियमों को ताक में रख कर काम किया. खनिज की लूट पर रोक लगाने के लिए पेसा कानून आया. लेकिन अब तक राज्य में इसका सही से अनुपालन नहीं हो पा रहा. वहीं दूसरी तरफ सरकार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव करवाती है, जो पूरी तरह से नियमों को ताक पर रख कर किया गया है.

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एजेंडा जारी किया

मौके पर मोर्चा की ओर से एजेंडा जारी किया गया. जिसमें भाजपा और आरएसएस और भ्रष्टाचार मुक्त झारखंड निर्माण हो, सीएनटी एसपीटी एक्ट की मूल भावना से छेड़छाड़ बंद हो, भूमि अधिग्रहण कानून संशोधन को रद्द किया जाये, पेसा कानून और समता जजमेंट का सही से अनुपालन हो, आदिवासियों के पारंपरिक धर्म कोड को जनगणना कॉलम में शामिल किया जाये समेत अन्य प्रस्ताव है. मौके पर सोमा मुंडा, जीतन मुंडा, एलएफ उरांव, क्लेमन टोप्पो समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

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