न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

स्टोन माइंस के खिलाफ आदिवासी ग्रामीणों का आंदोलन जारी

26

Palamu : पलामू जिले के छतरपुर प्रखंड अंतर्गत डनटुटा में संचालित स्टोन माइंस के खिलाफ भलही टोला के आदिवासियों का आंदोलन सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा. माइंस ठेकेदार और उसके सहयोगियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने, गांव से 30 मीटर की दूरी पर संचालित माइंस को बंद कराने, ग्रामीणों पर हुए फर्जी एवं बेबुनियाद मुकदमे को रद्द करने सहित अन्य मांगों पर अड़े हुए हैं. ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी, वे समाहरणालय नहीं छोड़ेंगे.

माइंस से भारी परेशानी 

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन साल से चल रहे डनटुटा स्टोन माइंस से उन्हें भारी परेशानी हो रही है. माइंस गांव से महज 30 मीटर की दूरी पर है, जबकि प्रदूषण विभाग के नियमानुसार कम से कम 500 मीटर की दूरी पर घर नहीं होना चाहिए. गांव में जीना दूभर हो गया है. प्रदूषण से सांस लेने में समस्या हो रही है. ब्लास्ट के कारण जलस्तर नीचे चला गया है. मवेशियों को, लोगों को पत्थरों से चोट लगना और खेती लायक भूमि पर धूलकण का फैल जाना आम हो गया है.

प्रदर्शन और मामले से अवगत होने के बावजूद कार्रवाई नहीं

आइसा कार्यकर्ता दिव्या भगत ने बताया ने कहा कि मामले में दिसंबर महीने में प्रदर्शन किया गया. फॉरेस्ट विभाग व खनन विभाग के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें समस्या से अवगत कराया, परंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. ग्रामीणों ने जब खुद खनन बंद करने की कोशिश की तब माइंस ठेकेदार के गुंडे गांव में गोलीबारी कर रहे हैं. गांव के वार्ड सद्स्य जयराम उरांव ने आरोप लगाया कि गत शुक्रवार को माइंस ठेकेदार के गुंडों द्वारा गोलीबारी की गयी. अगले दिन पुलिस खोखे बरामद कर ले गयी और टूटे छप्पर और दीवारों को चिन्हित किया, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई.

गोलीबारी की सूचना नहीं है, आवेदन भी नहीं मिला : एसडीपीओ

इधर, गोलीबारी की घटना से इंकार करते हुए छतरपुर एसडीपीओ शंभू कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामीणों की ओर से इस संबंध में आवेदन भी नहीं दिया गया है. जहां तक माइंस बंद कराने की बात है तो इसके लिए ग्रामीण संबंधित विभाग को आवेदन दें. जहां तक उनकी जानकारी है कि गांव में वैद्य तरीके से माइंस चल रहा है. पुलिस का काम माइंस बंद कराना नहीं है. उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन बार माइंस कर्मियों के साथ ही आपराधिक घटनाएं हुई हैं. उग्रवादियों के साथ साठगांठ रखने वाले युवकों को कुछ दिन पूर्व गिरफ्तार किया गया था.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: