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सरना कोड की मांग को लेकर राजभवन के समक्ष आदिवासी संगठनों ने दिया धरना, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

Ranchi : केंद्रीय सरना समिति, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद एवं आदिवासी सेंगेल अभियान के संयुक्त तत्वावधान में राजभवन के सामने केंद्र सरकार से सरना कोड की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना दिया गया. इस दौरान 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा.

बातचीत के क्रम में राज्यपाल ने सरना कोड के बारे में कहा कि सरना धर्म कोड आदिवासियों के लिए जरूरी है. उन्होंने कहा कि इससे उनकी पहचान बनी रहेगी.

राज्यपाल ने इस बात पर चिंता जतायी कि झारखंड सरकार ने बिना राज्यपाल से हस्ताक्षर कराये ही सरना धर्म कोड केंद्र सरकार के पास भेजा है.

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केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार आदिवासियों के साथ अन्याय कर रही है. 2021 की जनगणना नजदीक है. अभी तक आदिवासियों को सरना कोड नहीं दिया गया है.

प्रकृति पूजक आदिवासी वर्षों से अपनी पहचान की लड़ाई लड़ रहे हैं. हर हाल में 2021 की जनगणना में आदिवासी सरना कोड चाहते हैं परंतु केंद्र सरकार सरना कोड की मांग पर चुप है.

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज चुप नहीं बैठेगा. सरना कोड को लेकर 31 जनवरी 2021 को आदिवासी रेल, रोड जाम करेंगे. अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष सत्यनारायण लकड़ा ने कहा कि राज्य सरकार की वादाखिलाफी और धोखा से 2021 में होनेवाली जनगणना से लाखों आदिवासी वंचित रह जायेंगे.

मौके पर केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक ललित कच्छप, भुनेश्वर लोहरा, केंद्रीय सरना समिति के महासचिव संजय तिर्की, उपाध्यक्ष प्रमोद एक्का, महिला शाखा की अध्यक्ष नीरा टोप्पो, सचिव विनय उरांव, आकाश उरांव, कंचन उरांव, गीता सुखवरो उरांव, निर्मल पाहन, प्रदीप लकड़ा, अमर तिर्की, पंचम तिर्की, दीनू उरांव, आकाश उरांव एवं अन्य उपस्थित थे.

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