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आदिवासियों की जमीन हस्तांतरण मामले की होगी जांच, उपसमिति का गठन

Ranchi: TAC(trible advisory council) की सोमवार को हुई बैठक में जनजातीयों से जुड़े अहम मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये. बैठक में आदिवासियों की जमीन हस्तांतरण मामलों की जांच कराने पर सहमति बनी है. जमीन हस्तांतरण की जांच उपसमिति करेगी. समिति में चमरा लिंडा, बन्धु तिर्की, दीपक बिरुवा व भूषण तिर्की को शामिल किया गया है. बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए TAC के उपाध्यक्ष चम्पई सोरेन ने बताया कि उपसमिति मामले की पूरी रिपोर्ट कौंसिल को सौंपेगी. श्री सोरेन ने बताया कि बैठक में सरना धर्म कोड को लेकर भी चर्चा की गयी. काउंसिल ने माना कि आदिवासियों का अपना धर्म कोड होना चाहिए. निर्णय लिया गया कि सरकार इसपर प्रस्ताव तैयार कर राज्यपाल के माध्यम से केंद्र को भेजेगी. वर्षों से बंद आंदोलनकारियों को भी मान दिलाने पर भी सहमति बनी है. कहा गया कि कई ऐसे आंदोलनकारी हैं जिनकी सजा पूरी होने के बावजूद जेल में बंद हैं, कई ऐसे भी होंगे जिन्हें न्याय नहीं मिला और सजा काट रहे हैं. इसको लेकर भी गम्भीरता से चर्चा की गयी. श्री सोरेन ने बताया कि शहीदों और आंदोलनकारियों के आश्रितों को नौकरी देने की बात पर सहमति बनी है.

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औद्योगिक क्षेत्रों में भी आदिवासियों की भागीदारी बढ़े

औद्योगिक क्षेत्रों में भी आदिवासियों की भागीदारी बढ़े इस पर भी गहनता से विचार किया गया. आदिवासियों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्तर में कैसे सुधार हो इस पर भी कार्य की आवश्यक्ता पर बल दिया गया.

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बैठक में भाजपा के सदस्य नहीं हुए शामिल, चंपई ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुलायी गयी TAC के बैठक में एकबार फिर भाजपा के सदस्य शामिल नहीं हुए. जब इस बारे में उपाध्यक्ष चंपई सोरेन से पूछा गया तो उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया. कहा कि आदिवासी समाज की बेहतरी की लिए सभी को आगे आना चाहिए.

बैठक में जिन मुद्दों पर सहमति बनी

  • जमशेदपुर में ट्राइबल यूनिवर्सिटी के लिए जमीन चिह्नित करने की भी सहमति बनी.
  • उद्योगों में जनजातीय समाज के लोगों की भागीदारी कैसे हो, ताकि इनका सामाजिक, आर्थिक, शिक्षा में इनका विकास हो, इस पर विस्तृत चर्चा हुई.
  • जनजातीय भाषाओं को प्राइमरी स्तर पर पढ़ाई हो, इसके लिए शिक्षक बहाल कर दुरुस्त करने का निर्णय लिया गया.
  • जेलों में सजा काट चुके या अपनी बात को सही तरीके से नहीं रखने वाले आदिवादी समाज के कैदियों की हेमंत सरकार अब मदद करेगी. न्यायालय में अधिवक्ता या खुद अपनी बातों को नहीं रखने वाले आदिवासियों को मदद करना इसमें शामिल हैं.
  • आदिवासी समाज के धार्मिक स्थलों को बचाने और उसे मान्यता देने का टीएससी की बैठक में निर्णय लिया. सहमति बनी कि कैसे सरना स्थलों जहां बरसों से पूजा हो रही है, लेकिन उसका नाम खतियान में दर्ज नहीं है. उसे लेकर सहमति बनी कि राज्य गठन के बाद बने सरना धर्म स्थल को मान्यता दी जायेगी. ऐसे स्थलों को अब ग्राम सभी के माध्यम से मान्यता दी जायेगी.

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