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नई शिक्षा नीति में जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं का भी रखा गया है ध्यान:  ड्राफ्टिंग कमिटी के सदस्य

श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में “नई शिक्षा नीति 2020" विषय पर वेबिनार का आयोजन

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Ranchi : आज डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची में “नई शिक्षा नीति 2020” विषय पर केंद्रित वेबिनार का आयोजन किया गया. इस वेबिनार की अध्यक्षता कुलपति डॉ सत्यनारायण मुंडा ने की. मौके पर नई शिक्षा नीति ड्राफ्टिंग कमिटी के सदस्य आरएस कुरील और मिलिंद मराठे मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद थे. वेबिनार में मुख्य वक्ता आरएस कुरील ने भारत सरकार के नयी शिक्षा नीति के विभिन्न पहलूओं पर विस्तार से चर्चा की गयी.

कुरील ने कहा कि भारतीय शिक्षा नीति  में 34 साल बाद बदलाव किए गए हैं. इसलिए यह काफी महत्वपूर्ण  है. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूली पढाई से लेकर उच्च शिक्षा तक कई बदलाव किए गये हैं. जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों का पूर्ण रूप से विकास और उन्हें विश्व स्तर पर सशक्त बनाना है. खासकर जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संवर्धन और संरक्षण को ध्यान में रखकर इसे बनाया गया है.

कहा कि नई शिक्षा नीति में निचले स्तर की पढ़ाई के माध्यम के लिए  मातृभाषा के प्रयोग पर ज़ोर दिया गया है. जिसका उद्देश्य बच्चों को उनकी मातृभाषा और संस्कृति से जोड़े रखते हुए उन्हें  शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है. अपनी मातृभाषा में बच्चे को पढ़ने में आसानी होगी और वह जल्दी सीख पाएगा.

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पलायन को ध्यान में रखकर बनायी गयी नीति

वक्ता मिलिंद मराठे ने कहा की नई शिक्षा नीति 2020 पूरे देश के लिए मील का पत्थर साबित होगा. इस शिक्षा नीति की कई खासियत हैं. इसे शारीरिक एवं मानसिक रूप से कमजोर बच्चों को भी ध्यान में रखकर बनाया गया है. जिन बच्चों के माता-पिता काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन कर जाते हैं, और इस पलायन की वजह से उन बच्चों की पढ़ाई बाधित हो जाती है.

ऐसे समय में वे बच्चे भी अपने माता पिता के साथ के साथ दूसरे राज्यों में भी अपनी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रख सकेंगे. साथ ही इस नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों को ऐसी शिक्षा उपलब्ध करानी है जिससे कि वह स्वयं रोजगार से जुड़ जुड़ सकें. रोजगार परक शिक्षा मुहैया कराना इस शिक्षा नीति का विशेष लक्ष्य है.

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ये लोग थे मौजूद

इस वेबिनार में मौजूद वक्ताओं एवं श्रोताओं का स्वागत विश्वविद्यालय के डीन डॉ नमिता सिंह ने किया.  धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ अजय कुमार चौधरी ने किया. इस वेबिनार के सफल आयोजन में संयोजक डॉ पंकज कुमार का सराहनीय योगदान रहा.

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