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युद्ध में मदद के लिए ट्रेंड होंगे 2400 वॉलंटियर, विभाग ने डीसी को लिखा पत्र

Ranchi : भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए आपातकाल में सुरक्षा बलों की मदद के लिए राज्य में वॉलंटियर नियुक्त होने की पहल हुई है. यह पहल झारखंड सिविल डिफेंस का निदेशालय की तरफ से हुई है. निदेशालय के संयुक्त सचिव इकबाल अंसारी ने इस बाबत सभी जिलों के डीसी को मंगलवार को एक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने प्रत्येक जिले से करीब 200 वॉलंटियर ट्रेंड करने की बात डीसी से की है. उन्होंने इस काम को प्राथमिकता दिये जाने की बात भी कही है. सूत्रों के मुताबिक ऐसा शायद ही हुआ हो कि राष्ट्रीय सुरक्षा में राज्य की सामरिक महत्ता को देखते हुए इस तरह के कोई उचित पहल हुई हो. ऐसा इसलिए क्योंकि सेना के तीन महत्वपूर्ण बेस झारखंड में स्थित है. इसमें राजधानी में सेना की कॉकरेल डिवीजन समेत रामगढ़ में सिख और पंजाब रेजिमेंट शामिल हैं.

पहल करें डीसी, निदेशालय के पास है पर्याप्त मद : इकबाल अंसारी

न्यूज विंग से बातचीत में इकबाल अंसारी ने बताया कि राज्य बनने के बाद सिविल डिफेंस की गतिविधियां काफी कम थी. इनकी गतिविधियां ज्यादातर जमशेदपुर और बोकारो तक ही थी. वर्तमान में भारत पाक के बीच युद्ध की स्थिति बनती जा रही है, ऐसे में हमारे सुरक्षा बलों को विशेष मदद की जरूरत पड़ती है. इसे देखते हुए ही डीसी को कहा गया है कि वे वॉलंटियरों को ट्रेंड करने की पहल करें. निदेशालय के मद में अभी पर्याप्त राशि (करीब 1.8 करोड़ रुपये) है. संभव हो तो वे ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें. प्रशिक्षण और बचाव अभियान के दौरान निदेशालय ऐसे प्रत्येक वॉलंटियर को 250 रुपये देगा.

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18-35 वर्ष के बीच के हो वॉलंटियर, होती है महत्वपूर्ण भूमिका

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उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले से नियुक्त होने वाले 200 वॉलंटियर (कुल 2400)  ऐसे होने चाहिए, जिनका उम्र सीमा 18-35 वर्ष के बीच की हो. प्रशिक्षित होने वाले वॉलंटियर के पास कुशल शारीरिक दक्षता होनी चाहिए. ऐसे वॉलंटियरों को निदेशालय के प्रशिक्षक 15 दिनों में कुशल रूप से प्रशिक्षत कर देंगे. इकबाल अंसारी ने कहा कि प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लोग निदेशालय में अपना सुझाव दे सकते है. वॉलंटियरों की गतिविधियों पर बात करते हुए इकबाल अंसारी ने बताया कि युद्ध, दुर्घटना और इसी तरह के अन्य संकटों के दौरान वे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसके अलावा उन्हें आपातकाल के समय में नागरिकों को बचाने और पुनर्वास के लिए भी प्रशिक्षित किया जाता है.

दो जिलों तक ही सीमित है इनकी गतिविधियां

निदेशालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वास्तव में सिविल डिफेंस को लेकर निदेशालय की गतिविधियां राज्य के केवल दो औद्योगिक शहर बोकारो और जमशेदपुर तक ही सीमित रही है. इस वक्त इन दो शहरों में करीब 1,000 प्रशिक्षित वॉलंटियर है. जबकि सामरिक महत्ता को देखते हुए जरुरी है कि हम अपना दायरा इस और बढ़ायें.

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