न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

रांची से रामगढ़ का सफर का समय हुआ कम, बढ़ गये मौत के आंकड़े

8,728

Ranchi: रांची से रामगढ़ का सफर समय कम हो गया है लेकिन मौत के आंकड़े बढ़ गये हैं. रांची-पटना फोरलेन सड़क चुटूपालू घाटी इन दिनों मौत की घाटी बन गयी है. हर दिन यहां पर दुर्घटना होती रहती है.

इस मार्ग से हर दिन हजारों भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं. जिसका नतीजा यह है कि घाटी में दुर्घटना का सिलसिला जारी है. रांची से रामगढ़ का सफर का समय कम हुआ, लेकिन लोग मौत के नजदीक अधिक संख्या में पहुंचते गये.

रांची-पटना फोरलेन सड़क चुटूपालू घाटी में हर महीने औसतन 10 लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाती है. जानकारों का कहना है कि सड़क निर्माण में तकनीकी गड़बड़ी है. रांची की ओर से आ रहे वाहन की गति घाटी पहुंचते ही अपने आप बढ़ जाती है.

पथ निर्माण विभाग ने घाटी के पास बोर्ड भी लगाया है. गति सीमा 20 किलोमीटर निर्धारित की गयी है. लेकिन यहां अपने आप वाहनों की गति 50-60 हो जाती है. काफी घुमावदार होने के कारण घाटी में संतुलन नहीं बन पाता है. विपरीत दिशा से आ रहे वाहन भी नजर नहीं आते हैं और दुर्घटना हो जाती है.

इसे भी पढ़ें- #JharkhandAssembly उद्घाटन में नेता प्रतिपक्ष का नाम नहीं, जेएमएम ने विधायकों को विशेष सत्र में ना जाने को कहा!

अधिक ढलान व घुमाव रास्ते बने दुर्घटना की वजह

आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन एक दुर्घटना फोरलेन सड़क पर होती है. सड़क के जानकार लोगों का कहना है कि सड़क पर अधिक ढलान और घुमाव है, जिसके कारण खास कर बाहर से आने वाले वाहन चकमा खा कर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं.

स्थानीय वाहन चालक को सड़क की भौगोलिक स्थिति की जानकारी रहती है. इसलिए वे सोच समझ कर वाहन चलाते हैं. वहीं दूर-दराज के लोग स्थिति से अनभिज्ञ होने के कारण दुर्घटना का शिकार होते हैं. अक्सर देखा गया है कि घाटी के चिन्हित जगहों पर दुर्घटनाएं होती हैं.

इसे भी पढ़ें- आर्थिक मंदी में ओला-उबर टैक्सी सेवाओं की बड़ी भूमिका नहीं: मारुति सुजुकी

कई ब्लैक स्पॉट किये गये हैं चिन्हित

चुटूपालू घाटी में हादसा होने की आशंका के मद्देनजर कई ब्लैक स्पॉट चिन्हित किये गये हैं. लेकिन यहां सुरक्षा मानकों का ख्याल नहीं रखा जा रहा है. ऐसे में ज्यादातर दुर्घटना ऐसी जगहों पर हो रही जहां पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित किये गये हैं.

तेज रफ्तार ले रही है जान

चुटूपालू घाटी में दुर्घटनाएं होने का एक बड़ा कारण है वाहनों का तेज रफ्तार. वाहनों की गति इतनी तेज होती है कि घुमावदार सड़क पर वाहन अनियंत्रित होकर खुद दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं या दूसरे वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लेते हैं. घाटी में जितनी भी दुर्घटनाएं हाल के दिनों में हुई हैं उसमें से सबसे अधिक दुर्घटनाएं वाहनों के आपस में टकराने के कारण हुई है.

इसे भी पढ़ें- #Ladakh में आमने-सामने भारत-चीन की सेना, पैंगॉन्ग लेक के पास पेट्रोलिंग के दौरान धक्का-मुक्की

चुटूपालू घाटी में हुई बड़ी दुर्घटना

  • 11 सितंबर 2019- चुटुपालु घाटी भीषण सड़क हादसा, एक-दूसरे से भिड़े 10 वाहन 5 लोगों की मौत हो गयी.
  • 7 अगस्त 2019- चुटुपालु घाटी में सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गयी.
  • 22 जून 2019- रामगढ़ घाटी में कार और ट्रक के बीच भीषण टक्कर, हादसे में 3 लोगों की मौत.
  • 20 मार्च 2019- चुटूपालू घाटी में अनियंत्रित ट्रेलर ने पांच गाड़ियों को टक्कर मार दी, इस हादसे में मौके पर ही ट्रेलर चालक समेत 6 लोगों की मौत हो गयी थी, जबकि 20 लोग जख्मी हो गये थे.
  • 5 मार्च 2019- रामगढ़ घाटी में ट्रक और कार के बीच हुई टक्कर में कार सवार दो लोगों की मौत हो गयी थी और दो अन्य लोग घायल हो गये थे.
  • 26 दिसंबर 2018- रामगढ़ घाटी में ओवरटेक करने के दौरान आपस में 5 गाड़ियां टकरा गयीं. इस हादसे में दो व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गयी थी और आठ लोग घायल हो गये थे.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like

you're currently offline

%d bloggers like this: