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झारखंड में बढ़ते साइबर अपराध को लेकर पुलिस अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

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Ranchi: झारखंड में बढ़ते साइबर अपराध को देखते हुए सीआइडी मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस रूम में सीआइडी के एडीजी अनुराग गुप्ता के आदेश पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. बढ़ते साइबर अपराध को लेकर क्राइम ब्रांच ने अपने विभाग को और मजबूत करना शुरू कर दिया है. कार्यशाला में साइबर क्राइम एवं एटीएम कार्ड फ्रॉड के अनुसंधान विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया.

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पुलिस उपाधीक्षक एवं पुलिस निरीक्षकों को प्रशिक्षित किया गया

सीआइडी मुख्यालय में आयोजित इस कार्यशाला में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के चीफ भरत पांचाल एवं उनके सहयोगी आशीष शाह ने अपराध अनुसंधान विभाग, एटीएस साइबर पुलिस स्टेशन एवं अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय के पुलिस उपाधीक्षक एवं पुलिस निरीक्षकों को प्रशिक्षित किया. इस दौरान उन्हें विभिन्न तरह के एटीएम कार्ड फ्रॉड एवं साइबर अपराध के अनुसंधान के विषय में जानकारी दी गयी. मौके पर सीआइडी के आइजी रणजीत प्रसाद, एसपी एटीएस विजयालक्ष्मी, एसपी सीआइडी मनोज रतन चोथे आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे.

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झारखंड में पिछले 5 साल में 25 गुना तक बढ़ साइबर फ्रॉड के मामले

झारखंड में काफी संख्या में साइबर अपराधी सक्रिय हैं. तकनीक के जानकार इन नये अपराधियों ने नये अपराध को जन्म दिया है और इस मामले में झारखंड की छोटी-छोटी जगहों के लोगों ने बड़े-बड़े शहरों को पीछे छोड़ दिया है. झारखंड साइबर क्राइम का गढ़ बन गया है. साइबर क्राइम के मामले झारखंड में लगातार बढ़ रहे हैं. पिछले 5 साल के दौरान झारखंड में साइबर फ्रॉड के मामले 25 गुना तक बढ़ गये हैं.

राज्य में साइबर क्राइम के 150 गिरोह सक्रिय

झारखंड में साइबर क्राइम के 150 गिरोह सक्रिय हैं. इनमें से कई गिरोहों को झारखंड पुलिस ने चिह्नित कर लिया है. हालांकि, झारखंड पुलिस के लिए ये गिरोह बड़ी चुनौती हैं, लेकिन पुलिस अब इनके सफाया करने के लिए सक्रिय दिख रही है. कई अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की भी तैयारी चल रही है. साइबर क्राइम के ज्यादातर मामले एटीएम से जुड़े होते हैं. अपराधी बूढ़े-बुजुर्ग या महिलाओं को शिकार बनाते हैं. ये लोग एटीएम के बाहर अकेले में लोगों को शिकार बनाते हैं. बैंक अधिकारी बन कर फर्जी तरीके से लोगों के बैंक खाते खाली कर देते हैं.

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