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ट्राइ ने डीटीएच सेवा को लेकर ब्राडकास्टिंग कंपनियों के लिए जारी किया नया आदेश

ट्राइ का दावाः नये नियम से महानगरों में 15 प्रतिशत और नन मेट्रो शहरों में 10 फीसदी तक कम शुल्क देना होगा

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  • अब दूसरे कनेक्शन के लिए नेटवर्क कैपिसिटी फीस नहीं ले पायेंगे ब्राडकास्टर
  • ग्राहकों को पसंदीदा चैनल के लिए ही देना पड़ेगा शुल्क

Ranchi: भारतीय टेलीकाम नियामक प्राधिकार (ट्राइ) ने एक बार फिर डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) सेवा के लिए नया आदेश जारी किया है. ट्राइ के सचिव एसके गुप्ता के हस्ताक्षर से जारी आदेश में कहा गया है कि ब्राडकास्टिंग कंपनियां एक फरवरी के बाद से दूसरे कनेक्शन के लिए नेटवर्क कैपिसिटी फीस (एनसीएफ) नहीं ले सकती हैं. उन्होंने कहा है कि ब्राडकास्टिंग कंपनियों की तरफ से इन दिनों ग्राहकों के लिए काफी रियायतें दी जा रही हैं. इस रियायती दर में एकरूपता होना आवश्यक है. ट्राइ ने स्पष्ट किया है कि दूसरे अथवा अतिरिक्त कनेक्शन के लिए एनसीएफ वैधानिक नहीं है. ट्राइ के अनुसार ब्राडकास्टिंग एंड केबुल सेवा में एकरूपता को लेकर नया फ्रेमवर्क बनाया गया है. नया फ्रेमवर्क 29 दिसंबर 2018 से पूरे देश में लागू कर दिया गया है.

महानगरों के ग्राहकों को मिलेगा अधिक फायदा

ट्राइ का दावा है कि महानगरों के ग्राहकों को नये फ्रेमवर्क से अधिक फायदा होगा. खास कर दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, पुणे, बेंगलुरू, हैदराबाद के ग्राहकों को अपने मासिक पैकेज में से 10 से 15 फीसदी कम शुल्क का भुगतान करना होगा. वहीं नन मेट्रो शहरों के लोगों को मासिक किराये में से 10 प्रतिशत तक का फायदा होगा. ग्राहक अपने मनपसंद चैनल का चयन भी कर पायेंगे. यदि चैनल पसंद का नहीं होगा, तो ग्राहकों को उसे कैंसल करने का अधिकार भी होगा. ट्राइ के अनुसार नेटवर्क कैपिसिटी फीस के रूप में ग्राहकों को 130 रुपये ही देने होंगे. इसमें 130 एसडी चैनल दिखाये जायेंगे. 20 रुपये अगले 25 एसडी चैनल के लिए ग्राहकों को देना जरूरी किया गया है. एचडी चैनलों की कीमतें एसडी चैनलों की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक की गयी है.

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