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ट्रैफिकर ने ‘नर्क’ में ढकेल दिया था झारखंड के 66 बच्चों को, इन्हें एयरलिफ्ट कराकर घर लायेगी सरकार

नौकरी दिलाने के नाम पर ले गये थे

Ranchi : मानव तस्करी के शिकार हुए 66 बच्चों की हेमंत सरकार घर वापसी करायेगी. इन्हें ह्यूमन ट्रैफिकर दिल्ली और आस-पास के शहरों में नौकरी दिलाने के नाम पर ले गये थे. ये सभी बच्चे बेहद अमानवीय स्थिति में काम कर रहे थे. इन बच्चों को ले जाये जाने के बाद उनके परिवार वालों से उनका संपर्क काट दिया गया था. इन्हें पुलिस और अन्य एजेंसियों की सहायता से मुक्त करा लिया गया है. पीड़ित ये बच्चे अभी दिल्ली के अलग-अलग बालगृहों में रखे गये हैं. इन्हें वापस लाने की बकायदा तैयारी भी शुरू हो गयी है. अगले एक-दो दिन में सरकार यह निर्णय लेगी कि इन बच्चों को घर वापसी कैसे करायी जाये. सूत्रों की मानें, तो सरकार इन बच्चियों को एयरलिफ्ट भी करा सकती है.

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56 लड़कियां और 10 लड़के

मानव तस्करी के शिकार 66 बच्चों में 56 लड़कियां और 10 लड़के हैं. ये बच्चे बीते कुछ महीने और सालों में दिल्ली पुलिस, महिला आयोग, एनजीओ आदि के सहयोग से बरामद हुए हैं. इन्हें दिल्ली के ही विभिन्न बालगृहों में रखा गया है. बीते 28 जुलाई को महिला एवं बाल विकास विभाग ने घोषणा की थी कि इन बच्चों को एयरलिफ्ट कराया जाएगा. कहा गया था कि जुलाई 30 तक ये बच्चे रांची आ जाएंगे. लेकिन अभी तक सभी फंसे दिल्ली में ही फंसे है. एक बार सरकार के निर्देश के बाद विभागीय स्तर पर इन बच्चों को लाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है.

कोरोना काल में एयरलिफ्ट कराने वाला झारखंड पहला राज्य

बता दें कि इससे पहले कोरोना काल में भी झारखंड सरकार ने हजारों प्रवासी मजदूरों को एयरलिफ्ट कराया था. झारखंड देश का ऐसा पहला ऐसा राज्य है जिसने अपने राज्यों के मजदूरों को दूसरी जगहों से एयर लिफ्ट कराया है. इसमें लद्दाख में काम कर रहे 200 से अधिक और मुबंई से 174 प्रवासी मजदूरों को एयरलिफ्ट कराया गया था.

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