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भारत के समक्ष ट्रेड वॉर, ब्रेग्जिट बड़े खतरे, गरीबी से निपटने के लिए GDP ग्रोथ आठ फीसदी चाहिए : दास

आरबीआई गवर्नर अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की सालाना ग्रीष्मकालीन बैठक में बोल रहे थे.  

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NewDelhi : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है. लेकिन भारत को गरीबी और अन्य चुनौतियों से निपटने के लिए GDP ग्रोथ को आठ फीसदी की रफ्तार से बढ़ाने की जरूरत है.  शक्तिकांत दास  ने कहा कि विकसित देशों के द्वारा उठाये जा रहे नये कदमों का असर ग्लोबल ग्रोथ पर पड़ रहा है. ऐसे में भारत जैसे उभरते देशों के लिए जोखिम की स्थिति बनी हुई है.  कहा कि भारत जैसे देशों की अर्थव्यवस्था के लिए  मौजूदा समय में ट्रेड वॉर, ब्रेग्जिट  जैसे बड़े खतरे हैं.  बता दें कि आरबीआई गवर्नर अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की सालाना ग्रीष्मकालीन बैठक में बोल रहे थे.  उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव भारत जैसी उभरते देशों की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है.

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भारत से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद

वहीं, ट्रेड वॉर और ब्रेग्जिट भी चिंताएं बढ़ा रही है.   आरबीआईगवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, पिछले कुछ साल के दौरान अर्थव्यवस्था की 7.5 फीसदी की औसत तेजी आकर्षक है, लेकिन भारत से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भूमि तथा श्रम के क्षेत्र में और अधिक संरचनात्मक सुधारों की जरूरत है. गवर्नर ने कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 में भारत की आर्थिक विकास दर 7.2 फीसदी रहने की उम्मीद है और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से जोखिम के ऊपर रहने के बावजूद महंगाई लक्ष्य से कम देखी जा रही है. उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के असर के महंगाई पर दबाव को कम अतिशयोक्ति कहा जा सकता है.

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कहा कि हमारी प्राथमिकता सभी आंकड़ों पर निगरानी बनाये रखना और विकास दर में तेजी लाने और अर्थव्यवस्था की रफ्तार को बरकरार रखने के लिए समन्वित रूप से कदम उठाना है. बता दें कि आरबीआई ने पिछले हफ्ते चालू वित्त वर्ष के लिए विकास दर अनुमान को पहले के 7.4 फीसदी से घटाकर 7.2 फीसदी कर दिया. इसने आगामी महीनों में हेडलाइन महंगाई कम रहने का अनुमान जताया है, जिससे दरों में कटौती की और गुंजाइश बनती है.

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