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12 सूत्री मांगों को लेकर 8-9 जनवरी को ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल

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  • प्रेसवार्ता कर दी जानकारी, सात जनवरी को मशाल जुलूस निकाली जायेगी

Ranchi : संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और कर्मचारियों के हित में 8-9 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल की जायेगी. इसकी जानकारी शुक्रवार को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की संयुक्त प्रेसवार्ता में दी गयी. एटक के पीके गांगुली ने बताया कि देशव्यापी हड़ताल 12 सूत्री मांगों को लेकर की जा रही है. सरकार की मजदूर विरोधी नीति से मजदूरों में असंतोष है. पहले से ट्रेड यूनियन इन्हीं 12 सूत्री मांगों के लिए संर्घष कर रही हैं, लेकिन इसके बाद भी सरकार मजदूर हित में निर्णय नहीं ले रही, बल्कि और ऐसे-ऐसे नियम लागू कर रही है, जो मजदूरों को और दबाने का काम कर रहे हैं.

मजदूरों को बचाने के लिए भाजपा को हटाना जरूरी

गांगुली ने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आते ही मजदूरों का शोषण अलग-अलग तरीके से होने लगा. कॉरपोरेट घरानों को बसाने के लिए श्रम कानूनों में परिवर्तन किया जा रहा है. ट्रेड यूनियनों को दबाने का काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियों को यहां बसाने के लिए मजदूरी दर और कानून, दोनों को सरकार हल्का कर रही है. ऐसे में जरूरी है कि मजदूरों को बचाना है, तो भाजपा को सत्ता से हटाना होगा.

राज्य में रहेगा व्यापक असर

सीटू के राज्य महासचिव प्रकाश विप्लव ने बताया कि देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए राज्य में ग्राम स्तर पर योजनाएं चलायी गयी हैं. 7 जनवरी को मशाल जुलूस निकाला जायेगा. इसके साथ ही मजदूर, किसान समेत लगभग करोड़ों की संख्या में लोग हड़ताल को समर्थन देंगे. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि देशव्यापी हड़ताल में कपड़ा व्यवसायी, चैंबर ऑफ कॉमर्स, थोक दुकानदार, टेंपो, ई-रिक्शा समेत अन्य व्यवसायी भी इस हड़ताल में हिस्सा लें.

ये हैं  मुख्य मांगें

ट्रेड यूनियनों की मुख्य मांगें नियत अवधि रोजगार अधिसूचना वापस लेना, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों की रक्षा करने, ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग खत्म करने, न्यूनतम मासिक वेतन 18 हजार रुपये करना, मजदूरों को कम से कम तीन हजार रुपये पेंशन देना आदि हैं. मौके पर एक्टू के शुभेंदु सेन, एचएमएस के एच. राघव, एआईयूटीयूसी के सिद्धेश्वर सिंह, सच्चिदानंद मिश्र समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

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