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टीपीसी ने एक बार फिर कहा- प्रेम सागर मुंडा की हत्या और बबलू मुंडा पर हमले में हमारा हाथ नहीं

Ranchi :  नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) ने एक बार फिर प्रेम सागर मुंडा हत्याकांड और बबलू सागर मुंडा पर हुए हमले में संगठन के हाथ होने से इनकार किया है. टीपीसी के सब जोनल प्रवक्ता सचिन ने एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया है कि प्रेम सागर की हत्या संगठन ने नहीं की और न ही बबलू पर हमला किया गया है. सचिन के अनुसार पुलिस इस मामले में वजह बेवजह उन्हें बदनाम कर रही है.

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अपनों की हत्या नहीं करता टीपीसी

विज्ञप्ति में टीपीसी ने इस बात का जिक्र किया है कि बबलू मुंडा पर हुए जानलेवा हमले से संगठन काफी चिंतित है. मृतक प्रेम सागर मुंडा और बबलू सागर मुंडा के पिता प्रयाग मुंडा शुरू से ही टीपीसी के सक्रिय सदस्य रहे हैं और आज के दिनों में भी सक्रिय सदस्य हैं. सचिन के मुताबिक, प्रेम सागर मुंडा एवं बबलू मुंडा टीपीसी के सक्रिय सदस्य रहे हैं. अगर कोई संगठन छोड़ देता है तब उसे मारा नहीं जाता है. हमारे संगठन में अपनों को जान से मारने की परंपरा नहीं है. सचिन के अनुसार बबलू मुंडा को खुद मीडिया के सामने आकर यह बताना चाहिए कि क्या उस पर हमला टीपीसी ने करवाया है या फिर उसके भाई प्रेमसागर की हत्या टीपीसी ने की है. पूरे मामले में पुलिस यह कह रही है कि संगठन ने दोनों कांडों को अंजाम दिलवाया है.

हमले में कोयला माफिआओं का हाथ

टीपीसी प्रवक्ता ने कहा है कि गांव से शहर तक अपराधियों की आपसी रंजिश में हत्या, लूट-अपहरण की घटनाओं में भी झूठा आरोप लगा कर टीपीसी को बदनाम किया जा रहा है. संगठन के कोई एक सदस्य का नाम जोड़ कर किसी भी घटना को संगठन के सर डाल दिया जा रहा है. प्रेम सागर मुंडा की हत्या और बबलू मुंडा पर हमला संगठन ने नहीं किया. संगठन का दावा है कि बबलू सागर मुंडा की व्यक्तिगत रंजिश कोयला माफियाओं से है.

सचिन ने दावा किया है कि इरफान अंसारी, नीरज भोगता आज से 5-6 वर्ष पूर्व सक्रिय सदस्य थे, लेकिन पुलिस पुरानी डफली बजाने में तुली हुई है. दोनों का वर्तमान समय में संगठन से कोई संबंध नहीं है. टीपीसी प्रवक्ता के अनुसार बबलू मुंडा ने हथियारबंद बॉडीगार्ड टीपीसी से डर कर नहीं बल्कि कोयला माफियाओं के खौफ की वजह से रखा हुआ है.

पिछले दिनो रांची के कांके थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग़ मामले में रांची पुलिस ने 8 हार्डकोर उग्रवादियों को राजधानी के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया था और इनका टीपीसी से संबंध है .इनके पास से AK-56 और पिस्टल बरामद किये गये. गिरफ्तार उग्रवादियों में इरफान अंसारी, अफरोज अंसारी, एजाज अंसारी, अरशद अली, अब्दुल्ला आलम, इकराम उल अंसारी, जमील खान, मैनुल अंसारी शामिल हैं. पुलिस ने इनके पास से एक AK-56, 3 पिस्टल, 10 गोलियां, 1 लाख 62 हजार रुपये नकद, गाड़ी और 10 मोबाइल बरामद किए थे.

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क्या है मामला

11 अक्टूबर को उग्रवादी संगठन टीपीसी से जुड़े आठ अपराधियों की गिरफ्तारी कर रांची पुलिस ने दावा किया था कि कोयला कारोबारी और भाजपा नेता प्रेम सागर मुंडा हत्याकांड और बबलू मुंडा पर हुये फायरिंग का खुलासा कर लिया गया है. पुलिस के अनुसार प्रेम सागर मुंडा की हत्या टीपीसी प्रमुख भीखन गंझू के इशारे पर हुई थी. प्रेम सागर के छोटे भाई बबलू पर हमले में भी टीपीसी प्रमुख का ही हाथ था. बबलू मुंडा की हत्या के लिए चार शूटर भेजे गये थे.

29 सितंबर 2021 को कांके ब्लॉक चौक स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना के बाद बबलू मुंडा फॉर्चुनर कार से अपने परिवार के साथ घर लौट रहे थे. उसी वक्त अपराधियों ने हमला किया, लेकिन जिस एके 56 से फायरिंग करनी थी, ऐन वक्त पर उसका मैगजीन फंस गया. इसके बाद अपराधियों ने पिस्टल से गोली चलानी शुरु कर दी. हालांकि, तब तक फॉर्चुनर आगे बढ़ गई थी. गोलीबारी में बबलू मुंडा का निजी बॉडीगार्ड अजय सोनार घायल हो गया था.

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