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बिहार में 15 मई तक टोटल लॉकडाउन, ऑफिस बंद रहेंगे, पाबंदियों के साथ शादियां होंगी

आवश्यक सेवाओं वाले ऑफिस खुलेंगे, खाद्य सामग्री की दुकानें सुबह 7 से 11 तक खुलेंगी

Patna. बिहार में आगामी 15 मई तक टोटल लॉकडाउन का एलान किया गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब से थोड़ी दर पहले ट्वीट कर इस फैसले की जानकारी दी है. लॉकडाउन को लेकर विस्तृत गाइडलाइन शीघ्र जारी की जायेगी. सीएम ने इसके लिए आपदा प्रबंधन समूह को निर्देश दिया है. बता दें कि बिहार में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए हाईकोर्ट की कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और राज्य सरकार से तत्काल जरूरी कदम उठाने को कहा था.

जानिए, क्या खुला रहेगा,क्या बंद

बताया गया है कि राज्य सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे. सिर्फ आवश्यक सेवाओं के कार्यालय खुलेगे.आवश्यक खाद्य सामग्री फल सब्जी दूध पीडीएस दुकानें सुबह 7:00 बजे से 11:00 बजे तक ही खुलेंगी. सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक पैदल चलना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है.

  •  राज्‍य सरकार से सभी कार्यालय (आवश्‍यक सेवाओं को छोड़कर) बंद रहेंगे. जिला प्रशासन, पुलिस, सिविल डिफेंस, बिजली, जलापूर्ति, स्‍वच्‍छता, फायर ब्रिगेड, स्‍वास्‍थ्‍य, आपदा प्रबंधन, दूरसंचार, डाक विभाग से सम्‍बन्धित कार्यालय यथावत काम करेंगे. न्‍यायिक प्रशासन के बारे में माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा लिया गया निर्णय लागू होगा.
  •  अस्‍पताल और अन्‍य सम्‍बन्धित प्रतिष्‍ठान (पशु स्‍वास्‍थ्‍य सहित), उनके निर्माण और वितरण की इकाइयां, सरकारी और निजी, दवा की दकानें, मेडिकल लैब, नर्सिंग होम, एम्‍बुलेंस सेवाओं से सम्‍बन्धित प्रतिष्‍ठान यथावत काम करेंगे.

3) वाणिज्यिक और अन्‍य निजी प्रतिष्‍ठा बंद रहेंगे.

अपवाद-

क) बैंकिंग, बीमा और एटीएम संचालन से सम्‍बन्धित प्रतिष्‍ठान
ख)औद्योगिक एवं विनिर्माण कार्य से सम्‍बन्धित प्रतिष्‍ठान
ग) सभी प्रकार के निर्माण कार्य
घ) ई कार्मस से जुड़ी सारी गतिविधियां
ड.) टेलीकम्‍युनिकेशन, इंटरनेट सेवाएं, ब्रॉडकास्टिंग और केबल सेवाओं से सम्‍बन्धित गतिविधियां
च) कृषि और इससे जुड़े काम

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पटना हाईकोर्ट ने सोमवार को महाधिवक्ता से कहा था कि राज्य सरकार से बात करें और मंगलवार यानी चार मई को बताएं कि राज्य में लॉकडाउन लगेगा या नहीं. साथ ही कहा कि अगर आज निर्णय नहीं आता है तो हाईकोर्ट कड़े फैसले ले सकता है.

एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने कहा था कि आदेश के बाद भी कोरोना मरीजों के उपचार की सुविधाएं नहीं बढ़ी हैं. राज्य के अस्पतालों में निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति की ठोस कार्ययोजना नहीं बनी है. केंद्रीय कोटा से मिले रोजाना 194 टन की जगह मात्र 160 टन ऑक्सीजन का उठाव हो रहा है. राज्य में एडवाइजरी कमेटी तक नहीं बनी, जो इस कोरोना विस्फोट से निपटे, कोई वार रूम तक नहीं बना है.

ये है बिहार सरकार का संपूर्ण आदेश

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