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सुखदेव भगत और प्रदीप बलमुचू की कांग्रेस में वापसी पर शीर्ष नेतृत्व कर रहा विचार

♦कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने दिया संकेत, जल्द लिया जा सकता है निर्णय

Jharkhand Rai

Ranchi  :  कांग्रेस छोड़ कर दूसरे दलों में शामिल हुए दो पूर्व प्रदेश अध्यक्षों सुखदेव भगत और प्रदीप बलमुचू के दोबारा पार्टी में आने की राह आसानी होती दिख रही है. पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने इस बात का संकेत दे दिया है कि दोनों नेताओं के आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी. पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेस में राजेश ठाकुर ने कहा कि दोनों नेताओं ने पार्टी में दोबारा शामिल होने के लिए आलाकमान को अपना आवेदन सौंपा है. बहुत ही जल्द आलाकमान इस पर अपना फैसला लेगा. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के ठीक पहले भूले-भटके वे कहीं चले गये थे, उनके आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी. हालांकि राजेश ठाकुर ने यह भी कहा कि आलाकमान व प्रदेश प्रभारी इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. इनके पार्टी में शामिल होने के लिए जो भी निर्णय होगा, उसे पार्टी का हर कार्यकर्ता मानने को तैयार है.

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प्रदेश नेतृत्व से सामंजस्य नहीं बैठने पर सुखदेव भगत ने छोड़ी थी कांग्रेस!

बता दें कि विधानसभा चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत ने बीजेपी का दामन थाम लिया था. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी. सदस्यता ग्रहण करने के दौरान उन्होंने कहा था परिवर्तन संसार का नियम है. नये उत्साह के साथ बीजेपी में शामिल होने जा रहा हूं. हालांकि कांग्रेस छोड़ने की वजह के सवाल पर उन्होंने कहा था कि आज जो भी हूं कांग्रेस की वजह से हूं. हालांकि राजनीति जगत में यह बात जोरों से चर्चा में थी कि प्रदेश नेतृत्व से सामंजस्य नहीं बैठ पाने के कारण ही उन्होंने पार्टी छोड़ी थी.

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घाटशिला सीट का टिकट नहीं मिलने से बलमुचू ने छोड़ी थी पार्टी

वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार बलमुचू ने कांग्रेस छोड़ आजसू का दामन थाम लिया था. दरअसल घाटशिला से टिकट नहीं मिलने से वे नाराज चल रहे थे. अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा था कि 30 साल से उन्होंने पार्टी में विभिन्न पदों पर रख कर समर्पित भाव से सेवा की. लेकिन पिछले 2 साल से ऐसा महसूस हो रहा है कि पार्टी में निष्ठावान कार्यकर्ता की आवश्यकता नहीं है. सभी कार्यकर्ताओं की तकलीफ सुनने को कोई भी शीर्ष नेता तैयार नहीं है.

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