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सीएम को बता दिया, टाटा हमलोगों को नीची नजर से देखता हैः चंपई

Ranchi: झामुमो कार्यकारिणी की बैठक में भले ही सांगठनिक मुद्दे पर चर्चा चली लेकिन बैठक के बाद कोल्हान के झामुमो विधायकों और पार्टी के पदाधिकारियों ने सीएम से मिलकर टाटा कंपनी की शिकायत की. मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि कोल्हान के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को बता दिया है कि टाटा हमलोगों को नीच दृष्टि से देखता है. इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

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जानकारी के अनुसार मंगलवार को सीएम से मिलकर विधायक सुखराम उरांव ने कहा कि झारखंड सरकार ने यहां के स्थानीय लोगों के हित में यह निर्णय लिया है कि राज्य में स्थित सभी निजी कंपनियों को अपने-अपने प्रतिष्ठानों में 75 फीसदी स्थानीय लोगों को बहाल करना होगा. इस बाध्यता से बचने के लिए टाटा मोटर्स और टाटा कमिंस का मुख्यालय पुणे (महाराष्ट्र) शिफ्ट किया जा रहा है.

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मुख्यालय शिफ्ट होने से झारखंड में उक्त प्रतिष्ठान से जुड़े लगभग 15 हजार कर्मचारी बेरोजगार हो जायेंगे. साथ ही मजदूरों अथवा कर्मचारियों के साथ किसी भी तरह के विवाद की स्थिति में न्याय के लिए महाराष्ट्र के न्यायालय के ही शरण में जाना होगा.

टाटा समूह के इस फैसले से झारखंड को राजस्व का भी नुकसान होगा. जाहिर है टाटा मोटर्स और टाटा कमिंस का मुख्यालय पुणे शिफ्ट करने का प्रयास झारखंड और झारखंड के स्थानीय लोगों के खिलाफ एक बड़ी साजिश का हिस्सा है.

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क्या है टाटा कंपनी का विवाद

गौरतलब है कि टाटा मोटर्स और टाटा कमिंस कंपनी का मुख्यालय पुणे शिफ्ट करने के विरोध में झामुमो ने पूर्व घोषित हुड़का जाम कार्यक्रम के तहत टाटा स्टील की नोवामुंडी और घाटकुरी स्थित टाटा लांग प्रोडक्ट कंपनी की विजय-2 खदान के मुख्य गेट को 17 नवंबर को सुबह से ही जाम कर दिया था. इसका नेतृत्व पश्चिमी सिंहभूम झामुमो जिलाध्यक्ष सह चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव ने किया था.

हुड़का जाम आंदोलन के तहत झामुमो के सैकड़ों कार्यकर्ता दोनों जगहों पर मुख्य गेट और रेलवे साइडिंग के बाहर झंडा-बैनर लेकर जमा हो गये.

इससे आयरन ओर की लोडिंग और अनलोडिंग का काम पूरी तरह बंद हो गया था. इस बंदी से अकेले एसएलपीएल खदान में लगभग 10-15 हजार टन लौह अयस्क का उत्पादन व लगभग 4 हजार टन डिस्पैच प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया था. पुलिस-प्रशासन के उच्च अधिकारी भी आंदोलन स्थल पर पहुंचे थे.

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सुखराम उरांव के साथ साथ सैकड़ों कार्यकर्ता 16 नवंबर की शाम से ही नोवामुंडी स्थित टाटा स्टील खदान के गेट पर तंबू डाल व अलाव जलाकर बैठ गये थे.

बुधवार सुबह छह बजे से ही उक्त दोनों खदानों का गेट झामुमो कार्यकर्ताओं ने जाम कर दिया और खदान के अंदर किसी को घुसने नहीं दिया. बंद को सफल बनाने के लिए झामुमो जिला सचिव सोनाराम देवगम 16 नवंबर से ही नोवामुंडी में कैंप किये हुए थे.

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