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टॉफी-चॉकलेट-टीशर्ट घोटाला (1) : ट्रांसपोर्टरों ने बिल्टी भेजी नहीं, हो गया करोड़ों का भुगतान

न्यूजविंग ने की कागजात की पड़ताल तो सामने आये चौंकाने वाले तथ्य, पूर्ववर्ती रघुवर सरकार में हुआ घोटाला, सरयू लगातार लगा रहे हैं आरोप

Akshay Kumar Jha

Ranchi: 2016 में झारखंड के स्थापना दिवस पर रघुवर दास के नेतृत्व वाली सरकार की तरफ से राज्य भर के स्कूलों में टी-शर्ट और टॉफी-चॉकलेट का वितरण किया गया था. इसी सरकार में मंत्री रहे सरयू राय लगभग दो साल से आरोप लगा रहे हैं कि टी-शर्ट और चॉकलेट वितरण में बड़ा घोटाला हुआ था. सरकार दावा करती रही है कि स्थापना दिवस पर बच्चों के बीच बांटी गयी टी-शर्ट्स लुधियाना से मंगायी गयी थी.

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कागजात के अनुसार शिक्षा परियोजना के अधिकारियों ने लुधियाना से मंगायी गयी टी-शर्ट्स रिसीव की. लेकिन रघुवर सरकार में ही मंत्री रहे सरयू राय का आरोप है कि लुधियाना से टी-शर्ट्स मंगायी ही नहीं गयी, बल्कि फर्जी बिलिंग कर सरकारी राशि की बंदरबांट की गयी. उनका आरोप है कि करीब छह करोड़ रुपए की राशि के वारे-न्यारे हुए. न्यूज विंग के हाथ इस मामले से जुड़े कुछ कागजात लगे हैं. हमारी टीम ने भी इनकी सत्यता जांचने के लिए छानबीन की तो कई चौंकानेवाले तथ्य सामने आये.

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ट्रांसपोर्टिंग कंपनी के नाम बना फर्जी लेटर हेड और बिल्टी!

न्यूज विंग के पास उन बिल्टी और रसीद की प्रतियां हैं,  जिनके आधार पर सरकार की तरफ से बिल का भुगतान किया गया. सरकार के दस्तावेजों के अनुसार, टी-शर्ट्स की खेप महादेव लॉजिस्टिक्स (लुधियाना) और सुप्रीम फ्राईट कैरियर्स (दिल्ली) के जरिए मंगायी गयी. टी-शर्ट्स कई खेप में लुधियाना से चलकर धनबाद लायी गयी. हमने महादेव लॉजिस्टिक्स के मालिक बिजेंद्र सिंह से बात की. उन्होंने पहले सारा डिटेल लिया. बिल्टी नंबर और तमाम तरह की जानकारी ली.

फिर, अपने रिकॉर्ड्स खंगालने के बाद उन्होंने कहा कि यह बिल्टी फर्जी है. उनकी कंपनी की तरफ से 11 नवंबर को कोई ट्रक झारखंड के धनबाद के लिए रवाना नहीं हुआ. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनके लेटर हेड का इस्तेमाल फर्जी बिल्टी बनाने के लिए किया गया है. वहीं दूसरे ट्रांसपोर्टर सुप्रीम फ्राइट करियर्स के मालिक एसके बुद्धिराजा का कहना था कि 2004 में ही उन्होंने ट्रांसपोर्टिंग का काम बंद कर दिया है. अब वे लोग कोई दूसरा काम करते हैं. झारखंड में प्रस्तुत की गयी बिल्टी के बारे में उन्होंने कहा कि किसी ने उनके लेटर हेड का गलत इस्तेमाल किया है.

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