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आइसीयू और बर्न यूनिट चालू करने के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल में हुआ स्थल चिन्हित

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Giridih :  शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटना के बाद गिरिडीह में आइसीयू और बर्न यूनिट की मांग तेज हो गयी है. आइसीयू और बर्न यूनिट बनाने के प्रस्ताव को स्वास्थ मंत्रालय ने पांच माह पहले मंजूरी दे चुका था. इसकी घोषणा भी सूबे के स्वास्थ्य मंत्री ने सात माह पहले चैताडीह में मातृत्व शिशु स्वास्थ्य केंद्र के उद्घाटन के दौरान कही थी.

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अस्पताल के तृतीय तल्ले में बर्न यूनिट शुरू किया जायेगा

वहीं सात माह बाद बर्न और आईसीयू यूनिट के बनाने का पहल शुरू हो चुका है. सिविल सर्जन डॉ राम रेखा सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि अस्पताल के दूसरे तले में जहां आईसीयू यूनिट चालू किया जाना है. वहीं अस्पताल के तृतीय तल्ले में बर्न यूनिट शुरू किया जाएगा. दोनों स्थानों को चिन्हित कर पत्र स्वास्थ्य मंत्रालय को भेज दिया गया है. संभवत चुनाव के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम अस्पताल का जायजा लेकर कार्य शुरू करने की स्वीकृति दे सकती है. हालांकि इसकी पुष्टि स्थानीय विधायक शाहाबादी ने भी करते हुए बताया कि कुछ कानूनी पेंच के कारण दोनों यूनिट के निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पाया है. चुनाव के बाद पेंच सुलझाकर हर हाल में दोनों यूनिट का निर्माण की शुरुआत कर दिया जायेगा.

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अनुभवी पारा मेडिकल कर्मियों की पड़गी जरूरत

आइसीयू यूनिट शुरू करने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से सीटी स्कैन, एमआरआइ उपकरण के अलावे 24 घंटे का पॉवरबैकअप और पूर्णतः वातानुकूलित कक्ष होना चाहिए. आइसीयू यूनिट की जरूरत को लेकर ही आइएमए गिरिडीह के अध्यक्ष सह डॉ विद्या भूषण ने कहा कि आइसीयू यूनिट में न्यूरो सर्जन के अलावे कॉडिर्यो फिजिसियन और आर्थो फिजिशियन समेत अनुभवी पारा मेडिकल कर्मियों की जरूरत पड़ती है. जो 24 घंटे तक आपात स्थिति में मरीजों का इलाज कर रिकवर कर सकें. जबकि आइसीयू में लगने वाले सारे उपकरण के संचालन का अनुभव रखता हो. आइएमए अध्यक्ष डॉ भूषण ने यह भी बताया कि फिलहाल गिरिडीह के सदर अस्पताल में आइसीयू संचालन कर सकें. ऐसा ना ता कोई चिकित्सक और ना ही पारा मेडिकल कर्मी ही मौजूद हैं.

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