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रिम्स में इलाज करा रहे मरीजों को बारिश से बचाने प्लास्टिक खरीदकर ला रहे परिजन

Ranchi : राज्य का सबसे बडा हॉस्पिटल जिसे एम्स बनाने की बात की जा रही है. मंत्री से लेकर अधिकारी व्यवस्था सुधारने के दावे भी कर रहे हैं. लेकिन यहां तो सच्चाई हकीकत से कोसों दूर है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिल्डिंग में जगह खाली पड़ी और बेड भी उपलब्ध है. इसके बावजूद मरीजों का इलाज गैलरी में जमीन पर किया जा रहा है. जिससे साफ है कि मरीजों को सुविधा देने के नाम पर केवल आईवॉश किया जा रहा है. इतना ही नहीं इलाज करा रहे मरीजों को बारिश से बचाने का इंतजाम भी नहीं है. ऐसे में मरीजों के परिजन प्लास्टिक खरीदकर ला रहे ताकि बारिश से बच सकें. इसके बावजूद प्रबंधन को मरीजों की परेशानी दिखाई नहीं दे रही है.

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गंभीर मरीजों का इलाज जमीन पर

सेंट्रल इमरजेंसी में हर दिन सैंकड़ों मरीज आते हैं. जिसमें 100 मरीज गंभीर स्थिति में आते हैं. ऐसे में उन्हें तत्काल आइसीयू में रखकर इलाज की जरूरत होती है. इसी को देखते हुए ही 100 बेड का सेंट्रल इमरजेंसी सह ट्रामा सेंटर बनाया गया था. इसके बावजूद मरीजों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. गंभीर मरीज भी जमीन पर ही इलाज करा रहे हैं. चूंकि न्यूरो वार्ड में बेड से दोगुने मरीज भर्ती हैं. फिर भी प्रबंधन मरीजों को ट्रामा सेंटर में शिफ्ट करने को लेकर गंभीर नहीं है.

बारिश ने उड़ाई परिजनों की नींद

राजधानी में दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है. इस वजह से सबसे ज्यादा परेशानी न्यूरो वार्ड के मरीजों को हो रही है. चूंकि आइसीयू से लेकर वार्ड के बेड फुल हैं. ऐसे में इलाज तो किया जा रहा है लेकिन उन्हें गैलरी में जगह दी गई है. अब रूक-रूक कर हो रही बारिश ने परिजनों की नींद उड़ा दी है. रातभर जागकर वह परिजनों को बारिश से बचाने में लगे हैं.

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