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व्यापार को बढ़ावा देने के लिये जरूरी है कि सरकार अफसरों की जवाबदेही और समय सीमा तय करे : कुणाल आजमानी

चैंबर की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना जरूरी, लॉकडाउन के वक्त भी किये गये बेहतर काम

Ranchi: फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने इस साल सिर्फ व्यापार हित में नहीं बल्कि जनहित में भी काम किया. कोरोना काल ने चैंबर और व्यापारियों के लिये अलग तरह की स्थिति ला दी थी.

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इसके बाद भी व्यापारियों ने चैंबर के साथ मिलकर जनहित कार्य किया. जिसकी देशभर में सहाराना हुई. ये बातें चैंबर अध्यक्ष कुणाल आजमनी ने शनिवार को कहीं. वे चैंबर की ओर से आयोजित एनुअल जनरल मीटिंग को संबोधित कर रहे थे.

कुणाल ने कहा कि कोरोना काल में व्यापार जगत में अजीब सी स्थिति रही. इस दौरान जमाखोरी न हो, दाम न बढ़े इस पर सरकार के साथ मिलकर चैंबर ने काम किया. वहीं व्यापार हित में कई अहम फैसले भी लिये गये.

लगभग पंद्रह साल बाद चैंबर के प्रयास से स्टेट लेवल मीटिंग हुई. जिसमें कई वरीय अधिकारियों के साथ चर्चा हुई. लेकिन इसके बाद ही लॉकडाउन हुआ. जिससे काम प्रभावित हुए.

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चैंबर के लोगो का हुआ पेटेंट

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जरूरी है कि सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही तय हो. व्यापारियों पर टैक्स तो लगाया जाता है, लेकिन अधिकारियों की समय सीमा तय नहीं रहती. जिससे राज्य में कोई भी काम समय पर नहीं होता.

उन्होंने बताया कि चैंबर का लोगो को इस बार पेंटेंट करा लिया गया.इसके पहले तक चैंबर के लोगो की गलत उपयोग की जानकारी मिलती थी. जिससे अब छुटकारा मिलेगा.

वित्तीय स्थिति मजबूत करनी होगी

कुणाल ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान चैंबर का काम बंद नहीं हुआ. हालांकि इस दौरान चैंबर की वित्तीय स्थिति में काफी असर देखा गया. चैंबर की आय लगभग रुक गयी. पिछले साल का काफी बकाया है. कई बार इस पर चर्चा हुई. सदस्यता शुल्क मिल नहीं रहा.

संस्था को वित्तीय तौर पर मजबूत करना जरूरी है. उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के बाद चैंबर की ओर से मास्टर प्लान पर बेहतर काम किया गया. अभी भी सरकार की ओर से इस पर तारीख दी गयी है.

वहीं जेबीवीएनएल, डीवीसी की बिजली कटौती मामले में पर भी लगातार चैंबर प्रयासरत रहा. लेकिन जरूरी है कि सरकार अधिकारियों की जवाबदेही तय करें.

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चैंबर को मजबूत करने की मांग उठी

इस दौरान सदस्यों की ओर से कई मुद्दों को बैठक में रखा गया. जिसमें चैंबर को मजबूत करने और सदस्यों की संख्या ब़़ढ़ाने की मांग प्रमुख रही. संथाल परगना के आलोक मित्तल ने कहा कि चैंबर की ओर से व्यापार हित में किया काम सराहनीय है.

लेकिन जिला और प्रमंडलीय कार्योंलयों में चैंबर की मजबूती काफी जरूरी है. वर्तमान में मात्र 3300 सदस्य हैं. ऐसे में यह जरूरी है कि सदस्यों की संख्या राज्य भर में एक लाख की जायें. जिसमें जिला कार्यालयों में चैंबर के कार्य आसानी से हो सकें.

इस पर वर्तमान अध्यक्ष कुणाल आजमानी ने कहा कि चैंबर की ओर से सभी जिला में भवन और कमेटी बनाने का काम लगभग पूरा है. योजना है. लेकिन चैंबर के कार्यकारिणी में ये एजेंडा भी रहा है.

अन्य सदस्यों ने मांग की कि आने वाली कार्यकारिणी इस समस्या का हल करें. इस दौरान धीरज तनेजा, प्रवीण जैन छाबड़ा, राम बांगड़, रोहित अग्रवाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे.

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