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ईडी और सीबीआई के कुछ अधिकारी करप्शन छिपाने को नेपाल के सिमकार्ड का कर रहे इस्तेमाल

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई के कई अधिकारी कथित तौर पर अपने भ्रष्टाचार के मामले छिपाने के लिए नेपाल का सिमकार्ड इस्तेमाल करते रहे हैं.

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NewDelhi : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई के कई अधिकारी कथित तौर पर अपने भ्रष्टाचार के मामले छिपाने के लिए नेपाल का सिमकार्ड इस्तेमाल करते रहे हैं. ईडी, सीबीआई, डीआरआई और दूसरी खुफिया एजेंसियों के अधिकारी इनमें शामिल हैं. ऐसी खबरें सामने आयी हैं. जानकारी के अनुसार  सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने, जिन पर भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद छुट्टी पर भेज दिया गया, पिछले दिनों सीवीसी और कैबिनेट सचिव को भेजी अपनी शिकायत में इस बात का जिक्र किया है. इस क्रम में खबरों के अनुसार रॉ चीफ अनिल दसमाना की पीएम मोदी से हुई मुलाकात के बाद चर्चा है कि रॉ के स्पेशल सेक्रेटरी सामंत गोयल को, जिनका नाम मोईन कुरैशी मामले में सामने आया है, उऩ्हें जल्द ही हटा कर अपने मूल कॉडर में भेजा जा सकता है.  जांच एजेंसी के सूत्रों का मानना कि अधिकारियों द्वारा अन्य देश, विशेष तौर से नेपाल के सिमकार्ड का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है.  इससे उनकी बातचीत दूसरी भारतीय एजेंसियों के हाथ नहीं लगती.  ऐसे अधिकारी विदेश या देश में किसके साथ क़्या बात कर रहे हैं, यह राज राज ही रहता है.

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पुख्ता सबूत होने के बाद भी  अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज नहीं कराया गया

बताया गया है कि छुट्टी पर भेजे जाने से पूर्व सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना ने सीवीसी और कैबिनेट सचिव को आलोक वर्मा से संबंधित जो शिकायत भेजी थी, उसमें साफ तौर से सीबीआई और ईडी के तीन अधिकारियों का नाम शामिल है. इनमें राजेंद्र पाल उपाध्याय (आईपीएस), राजेश्वर सिंह (आईपीएस) और विकास मेहता का नाम हैं. बता दें कि सीबीआई को टेलीफोन सर्विलांस (टीएस) के माध़्यम से पता चला है कि  तीनों अधिकारी नेपाल का सिमकार्ड इस्तेमाल करते हैं. हालांकि पुख्ता सबूत होने के बाद भी उक्त अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज नहीं कराया गया.  राकेश अस्थाना के अनुसार छह माह के बाद टीएस और टीएस फाइल, सब नष्ट कर दिये गये. खबरों के अनुसार मीट कारोबारी मोईन कुरैशी केस में यह जानकारी सामने आयी है कि सीबीआई और ईडी के कुछ अधिकारी दुबई, सिंगापुर और दूसरे देशों में बातचीत करने के लिए ऐसे सिमकार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे.

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विदेशों में हुई बातचीत का ब्योरा डीओपीटी व पीएमओ के पास पहुंच गया है

कहा जा रहा है कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा, राकेश अस्थाना और ईडी के एक ज्वाइंट डायरेक्टर की विदेशों में हुई बातचीत का ब्योरा डीओपीटी व पीएमओ के पास पहुंच गया है.  खबरों के अनुसार सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करने के बाद रॉ चीफ अनिल दसमाना भी पीएम से मिले और अपनी विंग की स्थिति से अवगत कराया.  बताया जा रहा है कि रॉ के स्पेशल सेक्रेटरी सामंत गोयल को, जिनका नाम मोईन कुरैशी मामले में सामने आया है, उनके मूल कॉडर पंजाब पुलिस में वापस भेजा जा सकता है.  सूत्रों के अनुसार रॉ सेक्रेटरी अनिल दसमाना ने पीएम को मोईन कुरैशी मामले में गोयल की भूमिका को लेकर अवगत करा दिया है.  उधर, ईडी में भी बदलाव की बयार बह रही है. सूत्रों के अनुसार जल्द ही वहां ज्वाइंट डायरेक्टर और निचले स्तर के कुछ अधिकारियों पर गाज गिरने वाली है.

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