JamshedpurJharkhand

जोजोबेड़ा के युवक की मौत पर टीएमएच ने लापरवाही के आरोप से किया इनकार, कहा- सर्वश्रेष्ठ इलाज किया गया था

Jamshedpru : जोजोबेड़ा के कृष्णानगर निवासी अभिषेक कुमार (18) के निधन के संबंध में टीएमएच प्रबंधन  ने एक बयान जारी कर रहा है कि टीएमएच की तरफ से इस मामले में कोई लापरवाही नहीं हुई है. रेलवे ट्रैक पर घायल अभिषेक कुमार के शरीर में कई गंभीर चोटों (पॉलीट्रॉमा) के साथ-साथ दाहिने तरफ का ऊपरी और निचला अंग कुचला हुआ था. इसके अलावा उसकी कमर, हाथ व बांह की हड्डियां टूटी हुई थीं और शरीर के नरम उतकों को क्षति पहुंची थी. उसके अंडकोश में भी जख्म था. इसी हालत में उसे 12 जनवरी को टीएमएच में भर्ती कराया गया था, जहां ऑर्थोपीडिक सर्जन, जेनेरल और प्लास्टिक सर्जन ने सर्वश्रेष्ठ चिकित्सीय सेवा के साथ उसे संभाला और उसकी स्थिति को स्थिर किया.

इसे भी पढ़ें – कोडरमा में मिले 26 नए कोरोना पॉजिटिव, 14 ठीक हुए

अस्पताल में उसकी कोहनी के ऊपरी हिस्से (दायें) को अलग किया गया, दाहिनी जांघ की हड्डी के फ्रैक्चर को फिक्स किया गया, त्वचा की ग्राफ्टिंग की गयी और अंडकोश के घावों को बंद किया गया. 15 जनवरी को उसकी स्थिति स्थिर होने के बाद ओपीडी में प्रत्येक बुधवार और शनिवार को नियमित रूप से ड्रेसिंग करने की सलाह के साथ मरीज को छुट्टी दे दी गयी. 17 जनवरी को मरीज ओपीडी में ड्रेसिंग चेंज कराने आया था. ट्रॉमा इमरजेंसी में उसके स्वास्थ्य की समीक्षा की गयी. वह पूरे होश में था और उसके महत्वपूर्ण मानदंड (पैरामीटर) स्थिर थे. आर्थोपेडिक और प्लास्टिक सर्जनों ने उसके घावों का निरीक्षण किया और ड्रेसिंग की. मरीज की स्थिति के अनुसार उसे भर्ती करने की आवश्यकता नहीं थी और न ही इसके लिए रिश्तेदारों ने ऐसा कोई अनुरोध किया था. करीब दो घंटे बाद उसे इमरजेंसी से छुट्टी मिल गयी. बयान में कहा गया है कि मरीज को 18 जनवरी की दोपहर करीब 2.30 बजे टीएमएच इमरजेंसी में मृत लाया गया, जहां मरीज के परिवार ने हंगामा किया और अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. मामले की सूचना स्थानीय थाने में दी गयी है। मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है और शव को शाम करीब 5.20 बजे मोर्चरी में रखवा दिया गया है.

इसे भी पढ़ें – होटल केनेलाइट के निदेशक मिथिलेश झा की रायगढ़ में सड़क हादसे में मौत

Advt

Related Articles

Back to top button