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तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होनेवाले सांसद सुनील मंडल पर TMC कार्यकर्ताओं का हमला

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है

Kolkata : बंगाल में विधान सभा चुनाव वैसे तो अगले वर्ष होना है लेकिन अभी से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी जंग तेज हो गयी है. यह जंग महज तीखी बयानबाजी तक ही सीमित नहीं है बल्कि हिंसक वारदातों का सिलसिला भी शुरू हो गया है. हाल में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए सांसद सुनील मंडल पर शनिवार को कोलकाता के हेस्टिंग्स में सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया. उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने इसकी शिकायत अमित शाह से की है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस पर रिपोर्ट मांगी है.

मंडल की कार पर पत्थर भी चलाये

सांसद मंडल को उस वक्त विरोध का सामना करना पड़ा, जब वह यहां भाजपा के कार्यालय जा रहे थे. पुलिस ने बताया कि घटना उस समय घटी, जब मंडल हेस्टिंग्स में भाजपा के दफ्तर जा रहे थे. भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि एक कार्यक्रम में भाग ले रहे कुछ तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी कार रोकी. वे उन्हें दफ्तर जाने से रोकने के लिए सड़क पर बैठ गये. उन्होंने मंडल की कार पर पत्थर भी चलाये.

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तृणमूल कार्यकर्ता और भाजपा कार्यकर्ताओं में हुई झड़प

उन्होंने कहा कि इसके बाद तृणमूल कार्यकर्ताओं और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गयी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली, जिसके बाद सुनील मंडल की कार वहां से निकल सकी.
मंडल ने कहा, ‘इससे तृणमूल का असली रंग सामने आ गया. वे किसी भी लोकतांत्रिक नियम को नहीं मानते. जन प्रतिनिधि से क्या इस तरह का बर्ताव किया जाता है?’ शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल के पांच विधायकों के साथ सुनील मंडल 19 दिसंबर को भाजपा में शामिल हुए थे.

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तृणमूल ने घटना को दलबदलुओं के खिलाफ लोगों का आक्रोश बताया

तृणमूल ने इस घटना को दलबदलुओं के खिलाफ लोगों का आक्रोश बताया. तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने कहा, ‘यह दलबदलुओं के खिलाफ लोगों का आक्रोश था और विरोध प्रदर्शन अकस्मात शुरू हुआ.’ उन्होंने कहा कि सुनील मंडल ने दलबदल कानून का उल्लंघन किया है. पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी.

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के पहले राज्य में पार्टियों में तोड़फोड़ का दौर शुरू हो चुका है. अमित शाह की बंगाल यात्रा के दौरान 17 दिसंबर को मेदिनीपुर में तृणमूल के 34 नेता एक साथ पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गये थे. पश्चिम बंगाल में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसकी तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है. दोनों ही पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.

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