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टाइम्स नाउ वीएमआर सर्वे : एनडीए को झारखंड-बिहार12  सीटों का नुकसान, राजद-कांग्रेस फायदे में

सर्वे की मानें तो यदि अभी चुनाव होते हैं तो बिहार और झारखंड में वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों के मुकाबले भाजपा को झटका लग सकता है. उसकी सीटें कम हो सकती हैं.

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 NewDelhi : लोकसभा चुनाव बस अब तीन-चार माह दूर हैं. यह चुनावी सर्वेक्षण का दौर है. इन दिनों आप  चैनलों में ओपिनियन पेाल का नजारा देख सकते है. इस क्रम में टाइम्स नाउ वीएमआर का भी ताजा सर्वे आया है. इस सर्वे में बिहार-झारखंड को लेकर चौंकाने वाले नतीजे सामने आये हैं. इस सर्वे की मानें तो यदि अभी चुनाव होते हैं तो बिहार और झारखंड में वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों के मुकाबले भाजपा को झटका लग सकता है. उसकी सीटें कम हो सकती हैं. बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में बिहार में भाजपा और सहयोगी दलों यानी एनडीए को 31 सीटें मिली थीं, जबकि नये सर्वे में एनडीए को 25 सीटें मिलने की संभावना जताई गयी है. इस तरह एनडीए को बिहार में छह सीटों का नुकसान हो सकता है.

जहां तक झारखंड की बात है तो यहां भी भाजपा की अगुआई वाले एनडीए को तत्‍काल चुनाव होने पर पिछले चुनाव के मुकाबले छह सीटों का नुकसान उठना पड़ सकता है. झारखंड वर्ष 2014 के संसदीय चुनाव में एनडीए को 12 सीटें मिली थीं.  बता दें कि बिहार में लोकसभा की कुल 40 और झारखंड में 14 सीटें हैं.  यानी बिहार और झारखंड में कुल मिलाकर 54 सीटें हैं.

बिहार में जदयू का कुशवाहा की पार्टी से ज्‍यादा प्रभाव

2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा व उसके सहयोगी दलों को 43 सीटें मिली थी.  2014 में भाजपा ने बिहार में रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा के साथ गठजोड़ किया था;  इस बार कुशवाहा की पार्टी एनडीए से बाहर हो चुकी है और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) एक बार फिर से राजग में शामिल हो गया है. ऐसे में सर्वे के नतीजे इस लिहाज से चौंकाने वाले हैं कि जदयू का कुशवाहा की पार्टी से ज्‍यादा प्रभाव है, इसके बावजूद बिहार में एनडीए को छह सीटों का नुकसान हो रहा है.  सर्वे के अनुसार तेजस्‍वी यादव के राष्‍ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के बीच चुनावी गठजोड़ होने पर उन्‍हें पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले ज्‍यादा सीटें मिलेंगी.

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2014 में राजद और कांग्रेस के हिस्‍से में कुल मिलाकर 10 सीटें आयीं थीं. लेकिन, यदि अभी चुनाव होने पर इस गठबंधन को 15 सीटें मिल सकती हैं. जहां तक राजनीतिक हलचल की बात है तो भाजपा 2019 के लोकसभा चुनावों में सत्‍ता में वापसी करने की कवायद में जुटी है. वहीं, विपक्षी दल एकजुट होकर मोदी को सत्‍ता से बेदखल करने की जुगत में हैं. राहुल गांधी की अगुआई में कांग्रेस ने सत्‍ता में वापसी के लिए कमर कस ली   है.

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