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नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने जमीन में डाला टाइम कैप्सूल, 100 साल बाद रहस्य होगा उजागर

नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने शुक्रवार को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) जालंधर के कैंपस में एक टाइम कैप्सूल 10 फुट की गहराई में धरती के अंदर डाला.

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 Amritsar : नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने शुक्रवार को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) जालंधर के कैंपस में एक टाइम कैप्सूल 10 फुट की गहराई में धरती के अंदर डाला. एलपीयू में 106वीं इंडियन साइंस कांग्रेस के आयोजन के दौरान यहां मौजूद नोबेल पुरस्कार विजेता बायो केमिस्ट अवराम हर्षको, अमेरिकन फिजिसिस्ट डंकन हालडेन और बॉयो केमिस्ट थॉमस सुडोफ ने इस कैप्सूल को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से धरती में दबाया.  जानकारी दी गयी कि टाइम कैप्सूल में लैंडलाइन टेलीफोन, स्मार्टफोन, स्टीरियो प्लेयर, कंप्यूटर पार्ट्स समेत 100 वस्तुएं शामिल है.  बता दें कि यह कैप्सूल धरती में 100 वर्ष तक दबा रहेगा.

टाइम कैप्सूल का मकसद  भावी पीढ़ी को वर्तमान के बारे में अवगत कराना है

टाइम कैप्सूल का मकसद आने वाली पीढ़ियों को वर्तमान की तकनीक के बारे में अवगत कराना हैं. कैप्सूल स्टॉप वाच, वेइंग मशीन, हेडफोन, हैंडी कैम, पैन ड्राइव, सोलर सेल,नवीनतम डॉक्यूमेंट्री-मूवीज युक्त हार्ड डिस्क और विज्ञान में देश की उन्नति के प्रतीक मंगलयान, ब्रह्मोस मिसाइल, तेजस फाइटर जेट आदि के मॉडल भी रखे गये हैं.  इस अवसर पर एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल ने कहा कि इस टाइम कैप्सूल को एलपीयू के इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, फैशन, एग्रीकल्चर, डिजाइन, कंप्यूटर आदि विभागों के 25 से अधिक विद्यार्थियों ने तैयार किया हैं. बताया कि  जो वस़्तुएं कैप्सूल में रखी गयी हैं. उनका चुनाव एलपीयू के विद्यार्थियों ने किया है.  

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