Ranchi

RTI के जरिये झारखंड के न्यायाधीशों की संपत्ति समेत कई जानकारियों की मांग

Ranchi: झारखंड नवनिर्माण मंच के अध्यक्ष और आरटीआइ कार्यकर्ता अरुण कुमार ने झारखंड के न्यायाधीशों से संबंधित जानकारी की मांग आरटीआइ के जरिये की है. अरुण कुमार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सिविल अपील संख्या 10044/2019   केंद्रीय सूचना पदाधिकारी सुप्रीम कोर्ट बनाम सुभाष चन्द्र अग्रवाल के मामले में  13 नवंबर 2019  को जारी आदेश की गाइडलाइन में सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत ये जानकारी मांगी है.

इसमें  झारखंड हाई कोर्ट और सभी जिलों के न्यायधीशों  और न्यायिक अधिकारियों की  संपत्ति के संबंध में, उनके पोस्ट, इनकम टैक्स अदायगी समेत कई जानकारी मांगी है.

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न्यायधीशों की चल-अचल संपत्ति की पूरी जानकारी

आरटीआइ के माध्यम से सभी माननीय न्यायधीशों  के द्वारा  अपने और अपने परिवार के सदस्यों ने नाम से अर्जित कुल चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा , साल  2016 से 2020 तक इनकम टैक्स अदायगी , नियुक्ति की श्रेणी, सेवा में समर्पित  सरकारी स्टाफ की संख्या- उनके पद- नाम समेत किस राज्य से संबंध रखते है,सरकारी सेवा पद पर नियुक्ति के समय हासिल कुल चल-अचल संपत्ति को लेकर सूचना की मांग की गई है.

झारखंड के जजों के संबंध में आरटीआइ के जरिये मांगी जानकारी

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दो आरटीआइ के जरिये मांगी जानकारी

अरुण कुमार ने दो आरटीआइ आवेदनों के माध्यम से ये सारी जानकारी मांगी है. इसमें एक हाई कोर्ट के न्यायधीशों के संबंध  में और दूसरा सभी जिलों के माननीय न्यायधीशों के विषय में आरटीआइ डाला गया है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के उपर्युक्त आदेश के पहले  न्यायपालिका के अधिकारी आरटीआइ के क्षेत्राधिकार से बाहर थे और आरटीआइ के तहत  सूचना मांगने पर  सूचना नहीं दी जाती थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद जजों के पदों को पब्लिक पोस्ट घोषित करने  से अब कोई भी नागरिक आरटीआइ के तहत सूचना  मांग सकता है.

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