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रांची में महामारी से अब तक तीन लोगों की मौत, जांच में मिले चिकनगुनिया के 27 व डेंगू के 2 मरीज

20 दिन पूर्व सूचना मिलने के बावजूद सीविल सर्जन ने महामारी रोकने की नहीं की पहल

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Ranchi: रांची में डेंगू, मलेरिया और चिकगुनिया का प्रकोप शुरू हो गया है. हिंदपीढ़ी समेत शहर के स्लम्स के 50 मरीजों की जांच कराई गई. इनमें से 2 मरीज में डेंगू और 27 मरीजों में चिकनगुनिया के लक्षण पाए गये. जिन इलाकों में महामारी फैलने का खतरा जताया जा रहा है वे हैं- हिंदपीढ़ी, चर्च रोड, मेन रोड, कर्बला चौक,  आज़ाद बस्ती, थड़पखना, डोरंडा, कडरू, पुरानी रांची, गाड़ीखाना और चुटिया. इन इलाकों की बस्तियों के 15 लोगों के ब्लड सैंपल रिम्स में जांच के लिए भेज दिए गये हैं.

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सामाजिक संस्था की पहल पर हुआ खुलासा

राजधानी की सामाजिक संस्था ‘लहू बोलेगा टीम रांची’ की ओर से हेल्थ कैंप लगाया गया. इन हेल्थ कैंप में कुछ मरीजों में चिकनगुनिया और डेंगू के लक्षण पाये गए. करीब 20 दिन पहले सिविल सर्जन को इसकी सूचना दी गई. ‘लहू बोलेगा टीम रांची’ के संयोजक नदीम खान बताते हैं कि अगर हमारी दी गई सूचना पर पहल की गई होती तो शायद तीन लोगों की जान बचाई जा सकती थी. संस्था ने ब्लड सैंपल रिम्स नहीं भेजा होता तो इन बीमारियों का पता नहीं चल पाता.

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बरसात में गंदगी से हो रही अधिकतर बीमारियां

शहरी स्लम बस्तियों में चिकिनगुनिया/लंगड़ा बुख़ार/डेंगू/मलेरिया का प्रकोप एक महीने से महामारी का रूप ले चुका है, जिससे तीन लोगों की मौत हो चुकी है. नदीम खान ने बताया कि डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण उन ईलाकों में ज्यादा हैं जहां गंदगी है. निगम को ऐसे ईलाकों में तेजी से फॉगिंग करनी होगी. इसके अलावा समय से गंदगी का उठाव, मौसमी बीमारियों पर जागरुकता शिविर और स्वच्छ पानी का इंतजाम करना होगा. अगर समय पर कदम नहीं उठाए गये तो स्थिति विकराल हो सकती है.

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लोगों को राहत देने में जुटी है संस्था

सामाजिक संस्था ‘लहू बोलेगा’ फिलहाल हेल्थ कैंप के माध्यम से प्रभावित इलाकों में माइक्रोबायोलॉजी/पैथोलॉजी/डॉक्टरों/टेक्नीशियन की टीम द्वारा राहत पहुंचाने की कोशिश में जुटी है. इस टीम में डॉ सीमा के नेतृत्व में डॉ ख़ालिद, डॉ भुवन, जुल्फिकार अली भुट्टो, निकेश सिन्हा, श्रीकांत सहयोग कर रहे हैं.

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